पटना/झंझारपुर। बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो मासूम बच्चों की हत्या के बहुचर्चित मामले में उनकी मां और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ (विरलतम) श्रेणी का बताते हुए कहा कि “ऐसे दरिंदों को समाज में जीने का कोई अधिकार नहीं है।”
मामले की सुनवाई जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-2 अभिषेक रंजन की अदालत में हुई। कोर्ट ने पाया कि दोनों आरोपियों ने अपने प्रेम संबंध में बच्चों को बाधा मानते हुए उनकी हत्या की थी। अदालत ने इसे बेहद क्रूर, अमानवीय और समाज की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला अपराध करार दिया।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना जुलाई 2023 की है। अभियोजन के अनुसार, महिला अनीता देवी और उसके प्रेमी जय प्रकाश मंडल ने महिला के चार वर्षीय बेटे प्रिंस कुमार और करीब डेढ़ वर्षीय बेटी सृष्टि कुमारी को रास्ते से हटाने की साजिश रची। दोनों बच्चों की हत्या कर साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की गई। मामले की शिकायत बच्चों के पिता प्रमोद कुमार सफी ने घोघरडीहा थाने में दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
तीन साल चली सुनवाई
करीब तीन वर्ष तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजी सबूतों के आधार पर आरोप साबित किए। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 201/34 के तहत दोनों को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया।
हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद होगी आगे की कार्रवाई
भारतीय कानून के अनुसार, ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा पर अमल से पहले संबंधित हाईकोर्ट की पुष्टि आवश्यक होती है। इसलिए इस फैसले को अब पटना हाईकोर्ट भेजा जाएगा। हाईकोर्ट की पुष्टि के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी।

