उपमुख्यमंत्रियों को मिले अहम विभाग
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन और संसदीय कार्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त और वाणिज्य कर विभाग दिया गया है. सरकार ने आर्थिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण विभाग वरिष्ठ नेताओं को सौंपे हैं.
किन मंत्रियों को मिला कौन सा विभाग?
श्रवण कुमार को ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग दिया गया है. विजय कुमार सिन्हा कृषि विभाग संभालेंगे, जबकि दिलीप कुमार जायसवाल को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग मिला है.
निशांत कुमार को स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. लेसी सिंह को भवन निर्माण विभाग सौंपा गया है. राम कृपाल यादव को सहकारिता विभाग मिला है, जबकि नीलू मिश्रा शहरी विकास एवं आवास और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग संभालेंगी.
दामोदर रावत को परिवहन विभाग और संजय सिंह टाइगर को उच्च शिक्षा एवं कानून विभाग की जिम्मेदारी मिली है.
शिक्षा, उद्योग और ऊर्जा विभाग का बंटवारा
अशोक चौधरी को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग दिया गया है. भगवान सिंह कुशवाहा योजना एवं विकास विभाग संभालेंगे. अरुण शंकर प्रसाद को श्रम, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग मिला है.
मदन सहनी को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग सौंपा गया है, जबकि संतोष कुमार सुमन को लघु जल संसाधन विभाग मिला है.
रामदेव प्रसाद निषाद अनुसूचित जाति एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग संभालेंगे. लखेंद्र कुमार श्रीवास्तव को अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग दिया गया है.
मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिली है. शीला कुमारी विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग देखेंगी. श्रेयसी सिंह को उद्योग और खेल विभाग मिला है.
शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ऊर्जा विभाग संभालेंगे, जबकि कुमार धीरेंद्र को सड़क निर्माण विभाग सौंपा गया है.
अन्य प्रमुख विभाग
- दीपक प्रकाश – पंचायती राज
- राम चंद्र प्रसाद – पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन
- मोहम्मद जमा खान – अल्पसंख्यक कल्याण
- नंद किशोर राम – डेयरी, मत्स्य एवं पशुपालन
- प्रमोद कुमार – खाद्य एवं संस्कृति
- श्वेता गुप्ता – समाज कल्याण
- संजय कुमार सिंह – लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण
- संजय कुमार – गन्ना उद्योग
- केदार प्रसाद गुप्ता – पर्यटन
- सुनील कुमार – ग्रामीण कार्य
- पल्लवी साहा – आयकर
नई सरकार के विभागों के बंटवारे के साथ अब सभी मंत्री अपने-अपने विभागों की समीक्षा और नीतिगत योजनाओं पर काम शुरू करेंगे.

