राजस्थान के डीग जिले में सांप के काटने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बाजरे के खेत में काम कर रही महिला को करीब चार फीट लंबे सांप ने पैर में डस लिया। हालत बिगड़ने पर महिला बेहोश हो गई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। इस दौरान महिला के देवर ने सांप को भी पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर लिया और अस्पताल पहुंच गया, ताकि डॉक्टर सांप की पहचान कर इलाज कर सकें।
राजस्थान के जिले के जालूकी थाना क्षेत्र के मानोता गांव में यह घटना सामने आई। 19 सितंबर 2026 को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, गांव निवासी पांची जाटव बाजरे के खेत में बाजरा कूटने गई थीं। इसी दौरान खेत में मौजूद सांप ने उनके पैर में डस लिया।
सांप के काटने के बाद बिगड़ने लगी हालत
बताया गया कि सांप के काटने के कुछ ही देर बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। उनकी हालत इतनी खराब हो गई कि वह अचेत हो गईं। यह देखकर परिवार के लोग घबरा गए और बिना देर किए उन्हें इलाज के लिए अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे।
इस घटना में सबसे खास बात यह रही कि महिला के साथ उनका देवर सांप को भी एक डिब्बे में बंद करके अस्पताल ले आया। परिवार का उद्देश्य डॉक्टरों को सांप की पहचान कराने में मदद करना था, ताकि उसके काटने के हिसाब से महिला का उपचार किया जा सके।
डिब्बे में सांप देखकर अस्पताल में मची हलचल
अस्पताल पहुंचने के बाद परिजनों ने डॉक्टरों को डिब्बे में बंद सांप दिखाया और बताया कि इसी सांप ने महिला को काटा है। रिपोर्ट के अनुसार, सांप की पहचान के आधार पर डॉक्टरों ने महिला को भर्ती कर उपचार शुरू किया। महिला का इलाज जिला अस्पताल में जारी बताया गया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सांप को सुरक्षित तरीके से अस्पताल परिसर से बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम ने सांप को अपने कब्जे में लिया और बाद में उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया।
सांप को पकड़ना जोखिम भरा हो सकता है
इस घटना में परिजनों की सूझबूझ से डॉक्टरों को सांप की पहचान करने में मदद मिली, लेकिन सांप को खुद पकड़ना जोखिम भरा कदम हो सकता है। सांप काटने की स्थिति में दोबारा सांप के काटने का खतरा रहता है। इसलिए प्राथमिकता पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की होनी चाहिए।
सांप की पहचान के लिए उसे पकड़ने की कोशिश करने के बजाय, यदि सुरक्षित दूरी से उसकी तस्वीर लेना संभव हो तो वह डॉक्टरों के लिए मददगार हो सकती है। पीड़ित को झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है।
महिला का इलाज जारी
मानोता गांव की इस घटना में पांची जाटव को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया। परिजनों द्वारा सांप को डिब्बे में लेकर अस्पताल पहुंचने के बाद रेस्क्यू टीम ने उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। महिला का अस्पताल में उपचार जारी बताया गया है।
नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट के आधार पर तैयार की गई है। महिला की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति या सांप की प्रजाति के संबंध में अस्पताल अथवा वन विभाग की अलग आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध होने पर जानकारी अपडेट की जा सकती है।

