सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अनोखे खिलौने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक ऐसी बेबी डॉल दिखाई गई है, जिसके पेट के अंदर एक छोटा बेबी डॉल रखा गया है। खिलौने को खोलने पर यह छोटा बच्चा बाहर निकाला जाता है। इस अनोखे डिजाइन ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच लिया है और इसे लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
वायरल वीडियो में दिखाई दे रही यह गुड़िया Zuru कंपनी के “My Mini Baby Mom and Baby Surprise” सेट का हिस्सा बताई गई है। सामान्य बेबी डॉल की तरह दिखने वाली इस गुड़िया के पेट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि उसमें एक छोटा बेबी डॉल रखा जा सके।
वीडियो में खिलौने की पैकिंग खोली जाती है। इसके बाद गुड़िया के पेट के अंदर से छोटा बच्चा बाहर निकाला जाता है। बच्चे को बाहर निकालने के बाद उसके कपड़े पहनाए जाते हैं और फिर उसे मां बनी गुड़िया की गोद में रखा जाता है। इसी प्रक्रिया ने लोगों को सबसे ज्यादा हैरान किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस खिलौने को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी शुरू हो गई है। कुछ यूजर्स ने इसे बच्चों के लिए असामान्य खिलौना बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे सामान्य pretend play का हिस्सा माना। कई लोगों का सवाल है कि छोटे बच्चों के खिलौनों में गर्भावस्था और बच्चे के जन्म जैसी प्रक्रिया को इस तरह दिखाना कितना उचित है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर खिलौने को लेकर की जा रही टिप्पणियों को विशेषज्ञों की राय नहीं माना जा सकता। उपलब्ध रिपोर्टों में भी ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण सामने नहीं आया है कि इस खिलौने से बच्चों के मानसिक विकास पर कोई नुकसान होता है।
दरअसल, खिलौने की खासियत ही इसके वायरल होने की मुख्य वजह बनी है। आमतौर पर बेबी डॉल में बच्चे को गोद में रखने, कपड़े बदलने या खिलाने जैसे फीचर होते हैं, लेकिन इस सेट में बच्चा गुड़िया के पेट के अंदर से बाहर निकलता है। इसी वजह से अनबॉक्सिंग वीडियो देखने वाले कई लोग चौंक गए।
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे मजेदार और रचनात्मक खिलौना बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने इसके डिजाइन को लेकर असहजता जताई। यही अलग-अलग प्रतिक्रियाएं वीडियो को और चर्चा में ला रही हैं।
देखें वीडियो
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह मामला मुख्य रूप से वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर चल रही बहस तक सीमित है। खिलौने को लेकर किसी आधिकारिक प्रतिबंध या नियामक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
ऐसे में वायरल दावों को लेकर सावधानी जरूरी है। इसे बच्चों के लिए “खतरनाक” या “हानिकारक” बताने से पहले किसी विश्वसनीय विशेषज्ञ या आधिकारिक संस्था की पुष्टि जरूरी होगी। फिलहाल यह खिलौना अपने अनोखे डिजाइन के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

