बेंगलुरु: मानसून के मौसम में जहां भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने से लोगों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, वहीं कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। यहां एक 85 वर्षीय बुजुर्ग के घर के आंगन में खड़ा करीब 40 साल पुराना चंदन का पेड़ तेज आंधी और बारिश के दौरान गिर गया। शुरुआत में परिवार को लगा कि उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यही घटना उनकी खुशकिस्मती बन गई।
जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग के घर में वर्षों से चंदन का एक पेड़ लगा हुआ था। हाल ही में मानसून के दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से पास का एक बड़ा पेड़ उस पर गिर गया, जिससे चंदन का पेड़ पूरी तरह टूटकर जमीन पर आ गिरा। परिवार को चिंता थी कि इतने पुराने पेड़ के नष्ट होने से उन्हें नुकसान होगा।
घटना की सूचना वन विभाग को दी गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और चंदन के पेड़ को नियमों के तहत सरकारी चंदन डिपो भेजने की अनुमति दी। चंदन की लकड़ी का वजन करीब एक टन निकला। बाद में इसकी नीलामी और बिक्री की प्रक्रिया पूरी की गई।
लकड़ी की खरीद कर्नाटक सरकार के उपक्रम Karnataka Soaps and Detergents Limited (KSDL) ने की। बिक्री पूरी होने के बाद बुजुर्ग को करीब 28 लाख रुपये का भुगतान किया गया। यह रकम मिलने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिस घटना को वे पहले नुकसान मान रहे थे, वही उनके लिए बड़ी आर्थिक राहत साबित हुई।
विशेषज्ञों का कहना है कि चंदन की लकड़ी दुनिया की सबसे महंगी और मूल्यवान लकड़ियों में गिनी जाती है। इसका उपयोग इत्र, अगरबत्ती, धार्मिक सामग्री, औषधीय उत्पाद और कॉस्मेटिक उद्योग में बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसी वजह से बाजार में इसकी कीमत काफी अधिक होती है। हालांकि चंदन के पेड़ की कटाई, बिक्री और परिवहन राज्य के नियमों के अनुसार ही किया जा सकता है।
यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। लोग इसे किस्मत का अनोखा मोड़ बता रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि मानसून में जहां पेड़ गिरने की खबरें आमतौर पर दुखद होती हैं, वहीं यह मामला एक सुखद अपवाद बनकर सामने आया है।
यह घटना इस बात का भी उदाहरण है कि प्राकृतिक आपदा जैसी दिखने वाली परिस्थितियां कभी-कभी अप्रत्याशित रूप से सकारात्मक परिणाम भी लेकर आ सकती हैं। हालांकि विशेषज्ञ लोगों से मानसून के दौरान पुराने और कमजोर पेड़ों के आसपास सावधानी बरतने की अपील कर रहे हैं ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।

