सरगुजा। लखनपुर थाना क्षेत्र में अंबिकापुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग (NH-130) स्थित लहपटरा टोल नाके पर टोल कर्मचारी के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के काफिले के टोल से गुजरने के दौरान का बताया जा रहा है। घटना के बाद टोल कर्मचारी ने ग्रामीणों के साथ लखनपुर थाने पहुंचकर शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
वायरल वीडियो में कर्मचारी हाथ जोड़कर माफी मांगता दिखाई दे रहा है, जबकि सामने मौजूद व्यक्ति उसके साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर नाराजगी बढ़ गई है।
काफिला गुजर रहा था, तभी गिरा बूम बैरियर
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का काफिला लहपटरा टोल नाके से गुजर रहा था। इसी दौरान काफिले में शामिल एक वाहन के ऊपर टोल का बूम बैरियर गिर गया। इसके बाद वाहन में सवार एक व्यक्ति कथित तौर पर नाराज हो गया और टोल कर्मचारी के साथ मारपीट करने लगा।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर टोल कर्मचारी के साथ मारपीट करने वाला व्यक्ति कौन था और वह मंत्री के काफिले में किस हैसियत से शामिल था?
मंत्री के काफिले का नाम आने से बढ़ा विवाद
मामले में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के काफिले का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मंत्री द्वारा स्वयं मारपीट किए जाने का कोई आरोप या प्रमाण सामने नहीं आया है। असली विवाद यह है कि कथित मारपीट करने वाला व्यक्ति मंत्री के काफिले से किस रूप में जुड़ा था और क्या उसे किसी प्रकार का सरकारी या राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था।
VIP काफिले में आम कर्मचारी की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा?
इस घटना ने VIP काफिलों के दौरान आम नागरिकों और कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि किसी वाहन पर टोल बैरियर गिरने से विवाद हुआ था, तो मामले को बातचीत और शिकायत के माध्यम से सुलझाया जा सकता था। किसी कर्मचारी के साथ कथित मारपीट को किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
अब सवाल पुलिस जांच पर है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति कौन है, वह मंत्री के काफिले में कैसे शामिल था और टोल कर्मचारी के साथ कथित मारपीट की वास्तविक वजह क्या थी।
शिकायत के बाद पुलिस जांच का इंतजार
पीड़ित टोल कर्मचारी ग्रामीणों के साथ लखनपुर थाने पहुंचा और कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मारपीट करने वाला व्यक्ति कौन था और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।
CGTOP36 का सवाल:
क्या किसी मंत्री के काफिले में शामिल होने मात्र से किसी व्यक्ति को आम कर्मचारी के साथ कथित मारपीट करने का अधिकार मिल जाता है? अगर आरोपी काफिले का सदस्य था, तो उसकी पहचान सार्वजनिक कर उसके खिलाफ कार्रवाई कब होगी? और क्या मंत्री या प्रशासन इस घटना पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण देगा?
नोट: यह खबर उपलब्ध रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर तैयार की गई है। आरोपी व्यक्ति की पहचान, उसकी भूमिका और घटना की पूरी परिस्थितियां पुलिस जांच के बाद ही पुष्ट होंगी।

