Kawardha double murder case : छत्तीसगढ़ के कवर्धा के कबीरधाम जिला न्यायालय ने डुब्बले मर्डर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी अश्वनी कुमार पांडे को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां फरवरी 2024 में प्रेम संबंध के विवाद में दो लिव इन पार्टनर और उसकी माँ की हत्या कर दी गई थी।
प्रेमिक और उसकी माँ को सुलाया मौत की नींद

मृतकों की पहचान वसुंधरा वैष्णव (37 वर्ष) और उनकी मां पार्वती वैष्णव (60 वर्ष) के रूप में हुई थी (Kawardha double murder case)। आरोपी का वसुंधरा के साथ प्रेम संबंध था और दोनों शादी की तैयारी कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, 22 फरवरी 2024 को दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। गुस्से में आकर आरोपी ने पहले अपनी प्रेमिका और फिर उसकी मां की गला दबाकर हत्या कर दी।
दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे
जानकारी के अनुसार, आरोपी अश्वनी कुमार पांडे, जो बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र का निवासी है, का वसुंधरा वैष्णव के साथ प्रेम संबंध था। दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे और शादी करने की तैयारी कर रहे थे। बताया जाता है कि वसुंधरा की यह चौथी शादी होने वाली थी। इससे पहले उसकी तीन शादियां हो चुकी थीं, जो बाद में टूट गई थीं।
सोशल मीडिया के माध्यम से मिले थे
दोनों के बीच सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क हुआ था, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गया (Kawardha double murder case)। दिसंबर 2023 में दोनों के बीच शादी को लेकर समझौता भी हुआ था। हालांकि, 22 फरवरी 2024 को इसी संबंध को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया।
घटना वाले दिन वसुंधरा और आरोपी एक साथ शहर के एक ब्यूटी पार्लर गए थे, जहां वसुंधरा दुल्हन के रूप में तैयार हुई थी। इसके बाद जब वे घर लौटे, तो किसी बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने गुस्से में आकर पहले अपनी प्रेमिका और फिर उसकी मां की गला दबाकर हत्या कर दी।
घटना के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। वह दोनों के मोबाइल और स्कूटी लेकर फरार हो गया और घर को बाहर से बंद कर दिया। बदबू रोकने के लिए घर में फिनाइल भी डाला गया।
कुछ दिनों बाद जब घर से तेज बदबू आने लगी, तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर मामले का खुलासा किया। सुनवाई के बाद न्यायाधीश गितेश कुमार कौशिक ने आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।


