लोरमी। बिलासपुर लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू के सतत प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने अचानकमार टाइगर रिजर्व का नया गेट मुंगेली जिले के लोरमी तहसील से खोले जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। उन्होंने इस संबंध में छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। यह निर्णय लोरमी क्षेत्रवासियों के लिए विकास, रोजगार और पर्यावरणीय पर्यटन के लिहाज से एक मील का पत्थर माना जा रहा है। वर्षों से लंबित यह मांग आखिरकार पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ी है, जिससे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
3 जुलाई को भेजा गया था प्रस्ताव
गौरतलब है कि तोखन साहू ने 3 जुलाई 2025 को पर्यावरण मंत्रालय को पत्र भेजकर लोरमी अंचल की जनता की इस वर्षों पुरानी मांग को मजबूती से रखा था। उन्होंने इस पत्र में न सिर्फ इस मुद्दे की संवेदनशीलता को रेखांकित किया बल्कि इसके सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय लाभों को भी स्पष्ट रूप से सामने रखा। उन्होंने बताया कि लोरमी से अचानकमार टाइगर रिजर्व का गेट खुलने से जहां स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं युवाओं को स्वरोजगार और पर्यटन व्यवसाय के अवसर प्राप्त होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और क्षेत्रीय पहचान को बल मिलेगा।
पर्यटन, संरक्षण और विकास का संतुलन
पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने अपने उत्तर में कहा कि यह कार्यवाही राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा वर्ष 2012 में जारी टाइगर रिजर्व में पर्यटन के लिए मार्गदर्शिका और संबंधित बाघ संरक्षण योजना के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में आगे की प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार को निर्देशित किया गया है ताकि जरूरी प्रशासनिक और पर्यावरणीय औपचारिकताएं पूरी की जा सकें। मंत्री यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रकार के निर्णय पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और स्थानीय विकास के बीच संतुलन स्थापित करने के प्रयासों का हिस्सा हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोरमी क्षेत्र से गेट खुलने के बाद पर्यावरणीय पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।
सांसद साहू ने जताया आभार
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक गेट नहीं, बल्कि लोरमी क्षेत्र के जनजीवन के लिए विकास और पहचान का प्रवेशद्वार है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत’ के विजन और पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने की सोच को साकार करेगा।” साहू ने यह भी कहा कि इस पहल से क्षेत्र के लोगों को पर्यटन, होटलिंग, गाइड सेवा, हैंडीक्राफ्ट और लोक-कलाओं को प्रदर्शित करने के भरपूर अवसर मिलेंगे। साथ ही छत्तीसगढ़ के वन और जैव विविधता से समृद्ध इस क्षेत्र की ओर देश-दुनिया के पर्यटकों का ध्यान आकर्षित होगा।
स्थानीय लोगों में खुशी की लहर
लोरमी अंचल में अचानकमार टाइगर रिजर्व का नया गेट खुलने की मंजूरी की खबर से स्थानीय लोगों में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारी संघों और युवाओं ने इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यह निर्णय न केवल विकास को गति देगा बल्कि लोरमी को एक नई पहचान भी दिलाएगा।

