अंबिकापुर/सरगुजा। सरगुजा जिले के दरिमा क्षेत्र में बुधवार सुबह एक नवजात बच्ची खेत में लावारिस हालत में मिली। खेत की ओर गए ग्रामीणों को बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज का पीछा करने पर उन्हें खेत में कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची मिली। ग्रामीणों ने उसे वहां से निकालकर तत्काल उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरिमा पहुंचाया।
घटना दरिमा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बच्ची दरिमा में अंग्रेजी शराब दुकान के पास मुख्य सड़क से करीब 500 मीटर अंदर खेत में मिली। बच्ची के रोने की आवाज सुनने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे। समय रहते बच्ची के मिल जाने से उसे तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सकी।
प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर भेजा गया
ग्रामीणों द्वारा बच्ची को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरिमा ले जाने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसकी साफ-सफाई और प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद बेहतर चिकित्सा निगरानी के लिए उसे 112 वाहन की मदद से अंबिकापुर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। एक स्थानीय रिपोर्ट में बच्ची की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। हालांकि, नवजात की वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति को लेकर विस्तृत मेडिकल बुलेटिन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
मां की पहचान के लिए पुलिस जांच
बच्ची खेत में कैसे पहुंची और उसे वहां किसने छोड़ा, इसका अभी स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और बच्ची की मां तथा परिजनों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक आसपास के इलाकों और हाल में हुए प्रसव से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि बच्ची को उसकी मां ने ही खेत में छोड़ा था। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात खेत तक कैसे पहुंची और उसे वहां छोड़ने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने ली स्वास्थ्य की जानकारी
घटना की जानकारी सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बच्ची के उपचार और स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से नवजात को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।
मंत्री की ओर से बच्ची के उपचार और संरक्षण को लेकर निर्देश दिए जाने की जानकारी सरकारी स्तर पर सामने आई है। हालांकि, घटना का मूल मामला पुलिस जांच और बच्ची के चिकित्सकीय उपचार से जुड़ा है।
ग्रामीणों की सतर्कता से समय पर मिली मदद
इस घटना में सबसे अहम बात यह रही कि खेत से आ रही बच्ची के रोने की आवाज ग्रामीणों ने सुनी और उसे खोजकर बाहर निकाला। इसके बाद बिना देरी किए उसे स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। नवजात के खुले खेत में मिलने के कारण घटना ने इलाके में चिंता पैदा की है।
अब पुलिस जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बच्ची को खेत में किस परिस्थिति में छोड़ा गया। वहीं अस्पताल में बच्ची की चिकित्सा निगरानी जारी है। बच्ची की पहचान और उसके आगे के संरक्षण को लेकर संबंधित विभागों की कार्रवाई जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी।

