मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में मंगलवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। मूंढापांडे थाना क्षेत्र के मुड़िया भायपुर गांव में तेज रफ्तार बोलेरो कार ने सड़क किनारे खेल रहे छह बच्चों को कुचल दिया। इस भीषण हादसे में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य बच्चे घायल हो गए। बच्चों को बचाने के प्रयास में एक महिला भी वाहन की चपेट में आ गई। घटना के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और मृतक बच्चों के परिवारों में कोहराम मच गया।
पकौड़ी के ठेले के पास खेल रहे थे बच्चे
जानकारी के अनुसार, यह हादसा मंगलवार, 3 नवंबर की शाम करीब साढ़े चार से पांच बजे के बीच हुआ। मुड़िया भायपुर गांव में सड़क किनारे पकौड़ी का ठेला लगा हुआ था। इसी दौरान कुछ बच्चे ठेले के आसपास खेल रहे थे। आसपास के लोग भी अपने दैनिक कामकाज में व्यस्त थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में वहां इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।बताया जा रहा है कि करनपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार बोलेरो अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खेल रहे बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया। वाहन की रफ्तार इतनी तेज थी कि चालक बच्चों को बचाने में नाकाम रहा। बच्चों को टक्कर मारने के बाद बोलेरो पकौड़ी के ठेले से भी टकरा गई।हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग बच्चों को बचाने के लिए दौड़े। घायल बच्चों को देखकर परिजन बदहवास हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की।
एक साल की चित्रा और दो साल के अंश की मौत
इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान एक वर्षीय चित्रा और दो वर्षीय अंश के रूप में हुई है। चित्रा गांव निवासी रनवीर सिंह की बेटी थी, जबकि अंश इंदल का बेटा था।बताया जा रहा है कि मंगलवार को अंश का जन्मदिन भी था। परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जिस दिन परिवार अपने मासूम बच्चे का जन्मदिन मनाने की तैयारी कर रहा था, उसी दिन उसकी मौत की खबर ने सभी को तोड़ दिया।हादसे के बाद दोनों बच्चों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बच्चों की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बच्चों को बचाने दौड़ी महिला भी घायल
प्रत्यक्ष घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी के अनुसार, बच्चे सड़क किनारे खेल रहे थे। इसी दौरान सतपाल की मां चंपा अपने बेटे को बुलाने के लिए वहां पहुंची थीं।जब तेज रफ्तार बोलेरो बच्चों की ओर बढ़ी तो चंपा ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। हालांकि, वाहन की रफ्तार अधिक होने के कारण वह खुद भी उसकी चपेट में आ गईं और घायल हो गईं।हादसे में घायल अन्य बच्चों में इच्छा, आयुष, महक और सतपाल के नाम सामने आए हैं। घायलों को मुरादाबाद के तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।घायल बच्चों के परिजन अस्पताल में मौजूद हैं और उनकी सलामती की दुआ कर रहे हैं। चिकित्सकों की निगरानी में घायलों का इलाज जारी है।
गुस्साए ग्रामीणों ने चालक को पकड़ा
हादसे के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने बोलेरो चालक को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि गुस्साए लोगों ने चालक के साथ मारपीट भी की।घटना की सूचना मिलते ही मूंढापांडे थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए चालक को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाया और हिरासत में ले लिया।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने हादसे की जानकारी ली और घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराई।पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो को कब्जे में ले लिया है। चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।
हादसे के बाद पूरे गांव में पसरा मातम
दो मासूम बच्चों की मौत के बाद मुड़िया भायपुर गांव में शोक का माहौल है। मृतकों के घरों में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं।एक ओर दो परिवार अपने बच्चों को खोने के गम में डूबे हैं, वहीं दूसरी ओर घायल बच्चों के परिजन अस्पताल में उनके स्वस्थ होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।घटना के बाद ग्रामीणों में तेज रफ्तार वाहनों को लेकर चिंता बढ़ गई है। सड़क किनारे बच्चों की मौजूदगी और वाहनों की अनियंत्रित गति एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
सड़क सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल
मुरादाबाद में हुए इस हादसे ने ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों पर यातायात सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। गांवों से गुजरने वाली सड़कों पर अक्सर पैदल यात्री, बच्चे और स्थानीय दुकानदार मौजूद रहते हैं। ऐसे स्थानों पर वाहनों की तेज रफ्तार जानलेवा साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आबादी वाले क्षेत्रों में वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखनी चाहिए। विशेषकर उन स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है, जहां सड़क किनारे दुकानें, ठेले या बच्चों के खेलने की जगह हो।यह हादसा बताता है कि सड़क पर कुछ सेकंड की लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय बोलेरो की रफ्तार कितनी थी और वाहन के अनियंत्रित होने के पीछे क्या कारण रहा। दुर्घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह के अनुसार, बोलेरो चालक को हिरासत में लिया गया है और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जांच और आवश्यक कार्रवाई करना है। वहीं, गांव के लोग घायल बच्चों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।मुरादाबाद की इस दर्दनाक घटना ने दो परिवारों से उनके मासूम बच्चों को हमेशा के लिए छीन लिया। हादसे ने एक बार फिर याद दिलाया है कि तेज रफ्तार और असावधानी का परिणाम कितना भयावह हो सकता है।

