गिरीश गुप्ता गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध सिकासार (पैरी) जलाशय का जलस्तर निर्धारित सीमा के करीब पहुंचने पर बांध के गेट खोल दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू किए जाने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता बरतने की अपील की है।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण जलाशय में पानी की आवक लगातार बढ़ रही थी। जलस्तर सुरक्षित सीमा से ऊपर नहीं जाए, इसके लिए नियंत्रित तरीके से बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़े जाने के बाद पैरी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना जताई गई है।
जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। मछली पकड़ने, नदी पार करने और पिकनिक जैसी गतिविधियों से भी दूर रहने की सलाह दी गई है। संबंधित विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।
प्रशासन ने बताया कि बांध से पानी छोड़ने की प्रक्रिया पूरी तरह नियंत्रित है और जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। आवश्यकता के अनुसार गेटों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की है।
इस बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में जलाशयों में पानी की आवक बनी रह सकती है। प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई नदी-नाले उफान पर हैं। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं।

