अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा रेंज में चरित्र संदेह (चरित्र शंका) को लेकर होने वाली हत्या की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। पुलिस के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में चरित्र शंका से जुड़े 20 हत्या के मामले दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2026 में अब तक 11 ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। यानी पिछले डेढ़ वर्ष के दौरान इस वजह से कुल 31 हत्याएं दर्ज की गई हैं।
वर्ष 2025 में जिलेवार आंकड़े
सरगुजा रेंज पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में:
- सरगुजा – 9 मामले
- जशपुर – 5 मामले
- सूरजपुर – 3 मामले
- बलरामपुर – 2 मामले
- एमसीबी (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) – 1 मामला
कुल मिलाकर वर्ष 2025 में 20 हत्याएं चरित्र संदेह से जुड़ी रहीं।
वर्ष 2026 में अब तक की स्थिति
वर्ष 2026 में अब तक दर्ज मामलों के अनुसार:
- बलरामपुर – 4 मामले
- सूरजपुर – 2 मामले
- एमसीबी – 2 मामले
- सरगुजा – 1 मामला
- जशपुर – 1 मामला
- कोरिया – 1 मामला
अब तक कुल 11 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
अधिकांश मामलों में पति बना आरोपी
पुलिस के अनुसार, इन घटनाओं में अधिकांश मामलों में पति द्वारा पत्नी की हत्या किए जाने की बात सामने आई है। कई मामलों में घरेलू विवाद, आपसी अविश्वास और चरित्र संदेह के चलते विवाद इतना बढ़ गया कि उसने हिंसक रूप ले लिया।
आईजी दीपक कुमार झा ने क्या कहा?
सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) दीपक कुमार झा ने कहा कि चरित्र संदेह से जुड़े मामलों में आरोपी अक्सर आवेश और गुस्से में आकर अपराध कर बैठते हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस को जहां भी ऐसे पारिवारिक विवादों की जानकारी मिलती है, वहां काउंसिलिंग और समझाइश के माध्यम से विवाद सुलझाने का प्रयास किया जाता है, ताकि गंभीर अपराधों को रोका जा सके।
सामाजिक चिंता का विषय
विशेषज्ञों का मानना है कि रिश्तों में संवाद की कमी, अविश्वास, पारिवारिक तनाव और गुस्से पर नियंत्रण न रख पाना ऐसी घटनाओं के प्रमुख कारण बन रहे हैं। पुलिस का कहना है कि समय रहते संवाद, परिवार की मदद और आवश्यक होने पर काउंसिलिंग से कई मामलों में ऐसी घटनाओं को टाला जा सकता है।
हालांकि, पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े केवल उन मामलों से संबंधित हैं जिनमें जांच के दौरान हत्या का कारण चरित्र संदेह सामने आया है। प्रत्येक मामले की जांच अलग-अलग तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर की जाती है।

