CG News : बिलासपुर जिले में निजी स्कूलों की मनमानी और फर्जी संचालन को लेकर बड़ा खुलासा सामने आ रहा है। एक तरफ जहां नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ स्कूलों को कथित तौर पर संरक्षण मिलने के आरोप लग रहे हैं।

ताजा मामला व्यापार विहार स्थित ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल का है, जहां बिना मान्यता स्कूल संचालन पर शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाते हुए उसकी मान्यता रद्द करने के लिए राज्य सरकार को अनुशंसा भेज दी है। लेकिन इसी के उलट अमीरी चौक स्थित नारायण ई-टेक्नो स्कूल को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।बताया जा रहा है कि यह स्कूल वर्ष 2025-26 में बिना वैध मान्यता के संचालित हुआ।
आरोप है कि सीबीएसई के नाम पर अभिभावकों को गुमराह किया गया और सीजीबीएसई पैटर्न की किताबें बेचकर फीस वसूली गई।हैरानी की बात यह है कि शिकायतों के बावजूद इस स्कूल पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।जिला शिक्षा अधिकारी विजय पांडे ने टीम बनाकर जांचकराई, लेकिन जांच में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार कर दिया गया।
इसी को लेकर अब विवाद गहराता जा रहा है।छात्र संगठनों ने इस पूरे मामले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि ब्रिलिएंट पब्लिक स्कूल की जांच उच्च स्तर के आदेश पर हुई, जिसमें अनियमितताएं सामने आईं, लेकिन नारायण स्कूल की जांच स्थानीय स्तर पर कर उसे क्लीन चिट दे दी गई।छात्र संगठनों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं और राज्य स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल इस पूरे मामले ने शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है और सच्चाई कब तक सामने आती है।


