छत्तीसगढ़। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा कोमिका यादव ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर समस्या को लेकर ऐसा अभिनव मॉडल तैयार किया है, जिसने उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। कोमिका द्वारा तैयार की गई ‘कैंसर डिटेक्टर ब्रा’ को INSPIRE-MANAK योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि के लिए चुना गया है। इस उपलब्धि के बाद छात्रा, उसके परिवार और स्कूल में खुशी का माहौल है।
कोमिका का यह प्रोजेक्ट महिलाओं में स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति शुरुआती स्तर पर जागरूकता और संभावित संकेतों की पहचान के विचार पर आधारित है। कम संसाधनों में पढ़ाई करते हुए एक सरकारी स्कूल की छात्रा द्वारा इस तरह का नवाचार तैयार करना खास तौर पर चर्चा का विषय बना है।
महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा है नवाचार
स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियों में शामिल है। ऐसे में बीमारी की समय रहते पहचान और चिकित्सकीय जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। कोमिका यादव ने इसी सामाजिक जरूरत को ध्यान में रखते हुए ऐसी ब्रा तैयार करने का विचार विकसित किया, जिसे उन्होंने ‘कैंसर डिटेक्टर ब्रा’ नाम दिया है।
हालांकि, इस तरह के छात्र नवाचार को चिकित्सकीय रूप से प्रमाणित कैंसर जांच उपकरण नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति में कैंसर की पुष्टि केवल डॉक्टर की सलाह, चिकित्सकीय परीक्षण और आवश्यक जांचों के माध्यम से ही की जा सकती है।
INSPIRE-MANAK में मिली राष्ट्रीय पहचान
कोमिका यादव का प्रोजेक्ट INSPIRE-MANAK कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा है। INSPIRE-MANAK का संचालन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) और National Innovation Foundation के माध्यम से किया जाता है। इसका उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और समाज की समस्याओं के समाधान के लिए नए विचारों को बढ़ावा देना है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस योजना में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के मौलिक विचारों और नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाता है। चयनित विद्यार्थियों को अपने मॉडल या प्रोटोटाइप को विकसित करने के लिए आर्थिक सहायता और आगे की प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलता है।
आइडिया से प्रोटोटाइप तक का सफर
INSPIRE-MANAK में केवल विचार को ही नहीं, बल्कि उसके सामाजिक उपयोग और नवाचार की क्षमता को भी महत्व दिया जाता है। आधिकारिक चयन प्रक्रिया में मौलिकता, सामाजिक उपयोगिता, पर्यावरण अनुकूलता, उपयोगकर्ता के लिए सुविधा और मौजूदा तकनीकों की तुलना में संभावित लाभ जैसे पहलुओं को देखा जाता है।
ऐसे में कोमिका का प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना यह दर्शाता है कि उनके विचार में सामाजिक उपयोगिता और नवाचार की संभावनाएं देखी गई हैं।
सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा
कोमिका यादव की उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते हुए अपने विचार को नवाचार के रूप में विकसित किया। अक्सर तकनीकी संसाधनों और महंगे उपकरणों की कमी को लेकर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के सामने चुनौतियां रहती हैं, लेकिन कोमिका की उपलब्धि बताती है कि सही मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मिलने पर विद्यार्थी सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए नए विचार सामने ला सकते हैं।
INSPIRE-MANAK का उद्देश्य भी देशभर के स्कूली विद्यार्थियों में इसी वैज्ञानिक सोच को विकसित करना है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत देशभर से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के विचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के लिए भी उपलब्धि
कोमिका यादव का राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना छत्तीसगढ़ के स्कूली शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि है। केंद्र सरकार के अनुसार, छत्तीसगढ़ से INSPIRE-MANAK योजना के लिए लगातार बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का चयन हो रहा है। 2023-24 में राज्य से 3,154, 2024-25 में 2,956 और 2025-26 में 2,165 विद्यार्थियों का चयन INSPIRE-MANAK के तहत हुआ।
इससे साफ है कि राज्य के विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
राष्ट्रीय मंच पर आगे बढ़ेगा प्रोजेक्ट
INSPIRE-MANAK की आधिकारिक प्रक्रिया के तहत जिला और राज्य स्तर की प्रदर्शनियों एवं प्रतियोगिताओं के बाद चुनिंदा नवाचार राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चुने गए विद्यार्थियों को अपने मॉडल को और बेहतर विकसित करने के लिए विशेषज्ञों की मेंटरशिप भी उपलब्ध कराई जाती है।
कोमिका यादव का ‘कैंसर डिटेक्टर ब्रा’ प्रोजेक्ट भी इसी प्रक्रिया के तहत राष्ट्रीय स्तर की पहचान हासिल करने में सफल रहा है। अब इस नवाचार को तकनीकी रूप से और बेहतर बनाने तथा इसकी उपयोगिता को वैज्ञानिक स्तर पर परखने की दिशा में आगे काम किया जा सकता है।
छात्रा की उपलब्धि से स्कूल में उत्साह
कोमिका की इस उपलब्धि से उनके स्कूल के शिक्षक और सहपाठी भी उत्साहित हैं। एक छात्रा द्वारा महिलाओं की स्वास्थ्य समस्या को ध्यान में रखकर तैयार किया गया यह मॉडल दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
यह उपलब्धि यह संदेश देती है कि विज्ञान और तकनीक से जुड़े बड़े विचार केवल बड़े शहरों या महंगे निजी संस्थानों तक सीमित नहीं हैं। छोटे शहरों और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी अपने आसपास की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए नए और उपयोगी विचार विकसित कर सकते हैं।

