महासमुंद/कोमाखान। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के कोमाखान क्षेत्र के ग्राम झिटकी में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक तेंदुआ अचानक एक घर के अंदर घुस गया। अंधेरे में परिवार के सदस्यों को पहले तेंदुआ कुत्ता दिखाई दिया, लेकिन जैसे ही उन्होंने उसे भगाने की कोशिश की, उसने हमला कर दिया। तेंदुए के हमले में एक ही परिवार के 6 लोग घायल हो गए। इनमें से 3 की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया।
बाथरूम जाने निकली महिला पर सबसे पहले किया हमला
जानकारी के मुताबिक, झिटकी गांव में यादव परिवार के करीब 10 सदस्य रात में अपने घर में सो रहे थे। रात करीब 1:30 बजे 55 वर्षीय उत्तरी बाई बाथरूम जाने के लिए कमरे से बाहर निकलीं। इसी दौरान उनका सामना घर के बाहर मौजूद तेंदुए से हो गया।
तेंदुए ने अचानक उत्तरी बाई पर हमला कर दिया। उनके शोर मचाने पर परिवार के दूसरे सदस्य भी बाहर निकल आए। इसी दौरान तेंदुआ घर के अंदर दाखिल हो गया और वहां मौजूद अन्य लोगों पर भी हमला शुरू कर दिया।
अंधेरे में तेंदुए को कुत्ता समझ बैठे
परिवार के लोगों के अनुसार, रात का समय होने और अंधेरा होने के कारण शुरुआत में उन्हें समझ नहीं आया कि घर में घुसा जानवर तेंदुआ है। उसे कुत्ता समझकर भगाने का प्रयास किया गया। लेकिन अचानक तेंदुए ने हमला कर दिया।
इसके बाद घर में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों ने खुद को बचाने के साथ-साथ तेंदुए को घर के दूसरे हिस्से में जाने से रोकने की कोशिश की।
छह लोगों को बनाया निशाना
तेंदुए के हमले में सरजू यादव (60), उत्तरी बाई (55), जनक यादव, मनीष यादव (18), तुषार यादव और सुनीता यादव घायल हुए हैं। विभिन्न रिपोर्टों में कुछ घायलों की उम्र में मामूली अंतर बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उत्तरी बाई के चेहरे और गले में चोट आई है, जबकि सुनीता यादव की आंख और चेहरे पर चोट बताई गई है। मनीष यादव को भी गंभीर चोटें आई हैं।
हमले में घायल तीन लोगों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें आगे के इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का उपचार महासमुंद में किया गया।
परिवार ने दिखाई हिम्मत, तेंदुए को कमरे में किया बंद
घटना के दौरान परिवार के लोगों ने काफी साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। तेंदुए के लगातार हमले के बीच किसी तरह उसे घर के एक कमरे में बंद कर दिया गया।
कमरे का दरवाजा बंद होने के बाद तेंदुआ घर के बाकी हिस्से में नहीं जा सका। इससे परिवार के अन्य सदस्यों को अपनी जान बचाने का मौका मिला। वन विभाग को सूचना दिए जाने के बाद टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की कार्रवाई शुरू की।
वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और पुलिस का अमला मौके पर पहुंच गया। तेंदुआ जिस कमरे में बंद था, उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था की गई, ताकि ग्रामीण उसके नजदीक न जाएं।
वन विभाग ने तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए रेस्क्यू टीम की मदद ली। इस घटना के बाद झिटकी गांव सहित आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों को रात के समय अकेले बाहर नहीं निकलने और जंगल अथवा सुनसान इलाकों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
पहले भी ग्रामीण पर हमले की जानकारी
इस घटना से पहले झिटकी गांव के समीप पंडरीपानी क्षेत्र में भी तेंदुए द्वारा एक व्यक्ति पर हमला किए जाने की जानकारी सामने आई है। वन विभाग और ग्रामीणों को आशंका है कि दोनों घटनाओं में एक ही तेंदुआ शामिल हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और रेस्क्यू के बाद ही स्पष्ट होगी।
लगातार दो घटनाओं के बाद आसपास के गांवों में भी वन्यजीव को लेकर चिंता बढ़ गई है। वन विभाग की टीम इलाके में निगरानी और गश्त बढ़ा रही है।
अस्पताल में उपचार और रेस्क्यू पर नजर
घटना के बाद सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इसके बाद गंभीर घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए रायपुर भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
फिलहाल वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेंदुए को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित रेस्क्यू करना है। ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे तेंदुए को देखने या उसका वीडियो बनाने के लिए मौके पर भीड़ न लगाएं। इससे रेस्क्यू ऑपरेशन प्रभावित होने के साथ लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है।
एक नजर में
स्थान: ग्राम झिटकी, कोमाखान क्षेत्र, महासमुंद
समय: शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे
घटना: घर में घुसा तेंदुआ
घायल: 6 लोग
गंभीर: 3 लोग
तेंदुआ: परिवार ने कमरे में बंद किया
कार्रवाई: वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर
गंभीर घायलों: रायपुर रेफर किया गया

