गिरीश गुप्ता गरियाबंद। जिले के मैनपुर विकासखंड से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत भाटापानी के आश्रित ग्राम कामारपारा स्थित ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला में पदस्थ सहायक शिक्षक सतीश कुमार दुबे पर स्कूल समय में कथित तौर पर शराब के नशे में पहुंचने और बच्चों को पढ़ाने का गंभीर आरोप लगा है। मामले से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने संज्ञान लेते हुए शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
क्लासरूम में दिखी शराब की बोतल, वीडियो हुआ वायरल
मामले के अनुसार, स्कूल में शिक्षक के कथित रूप से नशे में होने का वीडियो ग्रामीणों ने बनाया। वायरल वीडियो में शिक्षक की हालत को लेकर ग्रामीणों ने दावा किया कि वह सामान्य स्थिति में नहीं थे। इसी दौरान कक्षा में रखी स्प्राइट की बोतल में महुआ शराब होने का दावा भी किया गया है।
हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक शिक्षक ने स्कूल में शराब लेकर आने के आरोप से इनकार किया है। इसलिए शराब की बोतल और शिक्षक के नशे में होने से जुड़े आरोपों की अंतिम पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही होगी।
स्प्राइट की बोतल में महुआ शराब,
मैनपुर ब्लॉक के ज्ञान ज्योति
प्राथमिक शाला कामारपारा में
शिक्षक के नशे में स्कूल आने
और बच्चों को पढ़ाने का गंभीर
आरोप,
जब शिक्षक ही नशे में घुत रहेगा
तो बच्चे क्या सीखेंगे?
शिक्षा व्यवस्था को घुन की तरह
खोखला कर रहे है ये शराबी।@rpsinghraipur pic.twitter.com/sUZGMDtwda
— CG_04 (@CG_wasi) September 5, 2026
स्कूल में 24 बच्चे, दो शिक्षकों की तैनाती
जानकारी के मुताबिक, ज्ञान ज्योति प्राथमिक शाला कामारपारा में करीब 24 बच्चे अध्ययनरत हैं और स्कूल में दो शिक्षकों की पदस्थापना है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस समय शिक्षक को कथित तौर पर नशे की हालत में देखा गया, उस दौरान स्कूल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई।
अभिभावकों और ग्रामीणों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए शिक्षा विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच और आरोप सही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मिड-डे मील पर भी ग्रामीणों ने उठाए सवाल
शिक्षक पर लगे आरोपों के साथ ही ग्रामीणों ने स्कूल में बच्चों को मिलने वाले मध्याह्न भोजन यानी पीएम पोषण योजना को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि बच्चों को निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के मुताबिक भोजन नहीं दिया जा रहा और लंबे समय से मुख्य रूप से दाल-चावल परोसे जाने की शिकायत है।
हालांकि, मिड-डे मील से जुड़े आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
BEO ने जारी किया शो-कॉज नोटिस
मामला सामने आने के बाद मैनपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) देवनाथ बघेल ने शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। रिपोर्टों के अनुसार, मामले की जांच के लिए विभागीय स्तर पर टीम गठित की गई है।
बीईओ के अनुसार, जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यानी फिलहाल शिक्षक के खिलाफ लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं।
शिक्षा व्यवस्था की निगरानी पर उठे सवाल
स्कूल बच्चों के भविष्य की नींव तैयार करने की जगह है। ऐसे में यदि किसी शिक्षक के स्कूल समय में कथित तौर पर नशे की हालत में पहुंचने की शिकायत सामने आती है, तो यह केवल शिक्षक के आचरण का मामला नहीं बल्कि स्कूलों की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
खास तौर पर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में नियमित निरीक्षण और शिक्षकों की जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण है। कामारपारा की घटना में अब सबकी नजर शिक्षा विभाग की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर है।

