सक्ती । CG NEWS: सक्ती जिले के हसौद तहसील अंतर्गत ग्राम पिसौद से भूमि विवाद का मामला सामने आया है, जहां श्रीमती आशीष रात्रे ने तहसीलदार हसौद द्वारा पारित स्थगन आदेश पर आपत्ति जताते हुए कलेक्टर सक्ती से पुनर्विलोकन और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
दरअसल, ग्राम पिसौद निवासी श्रीमती आशीष रात्रे का रामरक्षित कश्यप के साथ संबंधित भूमि को लेकर विवाद चल रहा है। आवेदिका के मुताबिक, रामरक्षित कश्यप के आवेदन के आधार पर तहसीलदार हसौद ने 7 अगस्त 2026 को संबंधित प्रकरण में स्थगन आदेश पारित किया था।

आवेदिका का कहना है कि इस आदेश के चलते संबंधित भूमि पर कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है और धान की बुआई को लेकर भी परेशानी खड़ी हो गई है।
स्थगन आदेश पर आपत्ति जताते हुए श्रीमती आशीष रात्रे ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 51 के तहत तहसीलदार हसौद के समक्ष पुनर्विलोकन आवेदन भी प्रस्तुत किया है। वहीं अब कलेक्टर सक्ती को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।
आवेदन में व्यवहार न्यायालय सक्ती में लंबित व्यवहार प्रकरण क्रमांक 9-अ/2024, गोविंद वगैरह बनाम रामशंकर वगैरह का भी उल्लेख किया गया है। आवेदिका के अनुसार, इस प्रकरण में उन्हें प्रतिवादी क्रमांक 19 बनाया गया है।
आवेदिका का दावा है कि संबंधित व्यवहार न्यायालय से रामरक्षित कश्यप और अन्य के पक्ष में अब तक कोई स्थगन आदेश पारित नहीं हुआ है। ऐसे में तहसीलदार द्वारा 7 अगस्त को पारित स्थगन आदेश किन परिस्थितियों में जारी किया गया, इसकी वैधानिकता और पूरे मामले की जांच कराने की मांग कलेक्टर से की गई है।
अब देखना होगा कि कलेक्टर कार्यालय की ओर से इस शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है।


