धमतरी जिले के कंडेल स्थित शासकीय आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल के स्टाफ रूम में करीब 5 फीट लंबा जहरीला कोबरा सांप दिखाई दिया। सांप अलमारी के पीछे फन फैलाकर बैठा था। शिक्षकों की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और सर्पमित्र सूर्यकांत साहू को सूचना दी। कुछ ही देर में सर्पमित्र मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सांप के जहरीला कोबरा होने के कारण उन्होंने बेहद सावधानी के साथ रेस्क्यू की प्रक्रिया शुरू की।
सांप अलमारी के पीछे छिपा हुआ था, इसलिए उसे बाहर निकालना आसान नहीं था। सर्पमित्र ने पहले सुरक्षित तरीके से अलमारी को हटाया और उसके बाद करीब 5 फीट लंबे कोबरा को नियंत्रित कर सुरक्षित बाहर निकाला। रेस्क्यू के दौरान स्कूल परिसर में शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद थे, लेकिन किसी को भी सांप के नजदीक जाने नहीं दिया गया।
कोबरा के बाहर निकलने के बाद स्कूल स्टाफ और विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि सांप के कारण किसी शिक्षक, कर्मचारी या छात्र को कोई नुकसान नहीं हुआ। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की प्रक्रिया की गई।
सर्पमित्र सूर्यकांत साहू धमतरी और आसपास के इलाकों में सांपों के रेस्क्यू के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी वे घरों, कार्यालयों और अन्य स्थानों से सांपों को सुरक्षित पकड़कर प्राकृतिक वातावरण में छोड़ते रहे हैं। वर्ष 2025 में उन्हें सांप पकड़ने के लिए उपयोगी रेस्क्यू किट भी प्रदान की गई थी।
बारिश के मौसम में सांपों के रिहायशी इलाकों और स्कूल-कॉलेज जैसे स्थानों में पहुंचने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसी भी सांप को देखकर उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सुरक्षित दूरी बनाकर प्रशिक्षित सर्पमित्र या वन विभाग को सूचना देना ज्यादा सुरक्षित है।
कंडेल स्कूल की इस घटना ने एक बार फिर स्कूल परिसरों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत को सामने ला दिया है। खासकर स्टोर रूम, स्टाफ रूम, प्रयोगशाला, अलमारियों के पीछे और ऐसे स्थान जहां लंबे समय से सामान रखा हो, वहां नियमित सफाई और निरीक्षण जरूरी है।
राहत की बात यह रही कि समय रहते कोबरा को देख लिया गया और प्रशिक्षित सर्पमित्र की मदद से उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। इससे संभावित हादसा टल गया और स्कूल में मौजूद बच्चों एवं शिक्षकों ने भी राहत की सांस ली।

