कोलकाता/भुवनेश्वर। केंद्र सरकार ने रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लेते हुए खड़गपुर-भद्रक (रणीताल) चौथी रेलवे लाइन परियोजना को मंजूरी दे दी है। पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कैबिनेट के इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार जताया है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने 19 अगस्त 2026 को रेलवे की चार मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी। इन परियोजनाओं पर कुल करीब 9,450 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इनसे भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
173 किलोमीटर लंबी होगी चौथी लाइन
खड़गपुर-भद्रक (रणीताल) चौथी लाइन की कुल लंबाई करीब 173 किलोमीटर होगी। यह परियोजना पश्चिम बंगाल और ओडिशा से होकर गुजरेगी। इसके निर्माण पर लगभग 3,352 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना को 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अतिरिक्त रेल लाइन बनने से पश्चिम बंगाल और ओडिशा के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे यात्री ट्रेनों के संचालन में सुधार, समयपालन बेहतर होने और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
यात्री और माल परिवहन को मिलेगा फायदा
रेलवे के अनुसार मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं का उद्देश्य व्यस्त रेल मार्गों पर भीड़ कम करना और परिचालन क्षमता बढ़ाना है। खड़गपुर-भद्रक सेक्शन पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण रेल कॉरिडोर का हिस्सा है। अतिरिक्त लाइन बनने से यात्री और मालगाड़ियों के संचालन के लिए अधिक क्षमता उपलब्ध होगी।
परियोजना के तहत दो मेगा ब्रिज के साथ बड़ी और छोटी संख्या में अन्य पुलों का निर्माण भी प्रस्तावित है। सरकार के मुताबिक इस परियोजना से माल ढुलाई क्षमता में वृद्धि होगी और लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद मिल सकती है।
औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्रों को भी लाभ
सुवेंदु अधिकारी ने परियोजना को पूर्वी भारत के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि बेहतर रेल कनेक्टिविटी से उद्योग, MSME और बंदरगाह गतिविधियों को फायदा होगा। तेज और अधिक क्षमता वाली रेल सेवा से माल की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है।
इस परियोजना का असर केवल पश्चिम बंगाल और ओडिशा तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार के अनुसार स्वीकृत चारों मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं करीब 6,448 गांवों और लगभग 60 लाख आबादी को बेहतर रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने में मदद करेंगी।
चार रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी
कैबिनेट की मंजूरी वाली चार परियोजनाओं में खड़गपुर-भद्रक चौथी लाइन के अलावा भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन (75 किमी), गुम्मिडिपुंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन (90 किमी) तथा कटक-पारादीप तीसरी और चौथी लाइन (72 किमी) शामिल हैं। ये परियोजनाएं पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेलवे क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं।
सुवेंदु अधिकारी ने केंद्र के इस फैसले को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए इसका स्वागत किया है। उम्मीद है कि परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वी तट के इस महत्वपूर्ण रेल मार्ग पर यात्री और माल परिवहन दोनों की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

