कानपुर। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर उत्तर प्रदेश के कानपुर से जुड़ा बड़ा दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो में वर्दी पहने एक व्यक्ति दूसरे शख्स के पैर दबाता हुआ नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पोस्टों में दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो कानपुर स्थित एक उपजिलाधिकारी (SDM) आवास का है और पैर दबवाने वाला व्यक्ति SDM का चालक मनोज कुमार है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
वायरल वीडियो को लेकर अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट सामने आई हैं। एक X पोस्ट में दावा किया गया है कि कानपुर में SDM के आवास पर चालक मनोज कुमार के पैर वर्दीधारी व्यक्ति द्वारा दबाए जा रहे हैं। इसी तरह Facebook और Threads पर भी वीडियो को इसी दावे के साथ साझा किया गया है।
सोशल मीडिया पर वायरल दावों के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति को SDM का चालक मनोज कुमार बताया जा रहा है, जबकि वर्दीधारी व्यक्ति को उनका सहयोगी बताया गया है। कुछ पोस्टों में यह भी दावा किया गया है कि वर्दीधारी व्यक्ति से चालक के पैर दबवाए जा रहे थे। हालांकि, केवल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर वीडियो में मौजूद लोगों की पहचान या उनके पद की पुष्टि नहीं की जा सकती।
मामले को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वायरल वीडियो की लोकेशन को लेकर भी सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ पोस्ट इसे कानपुर के SDM आवास का बता रही हैं, जबकि एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में इसी तरह के दावे के साथ कासगंज SDM आवास का उल्लेख किया गया है। इस विरोधाभास के कारण वीडियो की वास्तविक जगह को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
कानपुर पुलिस के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी इस मामले से संबंधित वायरल दावे का उल्लेख दिखाई देता है। वहां वीडियो में वर्दीधारी व्यक्ति द्वारा SDM के ड्राइवर मनोज कुमार के पैर दबाने का दावा संदर्भित किया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में अभी ऐसा कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान नहीं मिला है जिसमें पुलिस या प्रशासन ने वीडियो की लोकेशन, वीडियो में मौजूद व्यक्तियों की पहचान या घटना की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि की हो।
ऐसे में इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों को फिलहाल दावे के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। वीडियो वास्तविक होने के बावजूद उसमें दिखाई दे रही घटना कब, कहां और किन परिस्थितियों में हुई, यह अलग-अलग तथ्य हैं और इनकी पुष्टि स्वतंत्र स्रोत से होना जरूरी है।
बैंकॉक वाली मसाज की फीलिंग लेते SDM साहब के ड्राइवर मनोज कुमार,, वर्दीधारी से पैर दबवाने का वीडियो वायरल
स्थान – SDM आवास, घाटमपुर
आखिर ऐसी क्या नौबत आ गई कि वर्दीधारी को इन ड्राइवर साहब के पैर दबाने पड़ रहे हैं? #kanpur pic.twitter.com/Bs6aORBMdn
— Ashutosh shukla (@Ashu9621101476) August 15, 2026
यह भी संभव है कि वीडियो को किसी पुराने या दूसरे स्थान के वीडियो के रूप में अलग संदर्भ में साझा किया गया हो। हालांकि, उपलब्ध सामग्री के आधार पर यह कहना भी उचित नहीं होगा कि वीडियो फर्जी है। फिलहाल सबसे सुरक्षित निष्कर्ष यही है कि वीडियो वायरल है, लेकिन इसकी लोकेशन और उसमें मौजूद व्यक्तियों की पहचान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी के बारे में ऐसे दावे तेजी से फैल सकते हैं। इसलिए बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने या उसके खिलाफ निष्कर्ष निकालने से बचना जरूरी है। यदि जिला प्रशासन, संबंधित SDM कार्यालय या पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान या जांच की जानकारी सामने आती है, तो उससे वीडियो की वास्तविकता और पूरे घटनाक्रम की स्थिति ज्यादा स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल वेबसाइट पर इस खबर को प्रकाशित करते समय “कथित”, “दावा किया जा रहा है” और “स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है” जैसे स्पष्ट डिस्क्लेमर के साथ ही वीडियो का उल्लेख करना उचित होगा। इससे पाठकों को वायरल दावे और पुष्ट तथ्य के बीच अंतर समझने में मदद मिलेगी।
फैक्ट चेक निष्कर्ष: वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और इसे कानपुर के SDM आवास से जोड़कर पोस्ट किया जा रहा है। मनोज कुमार को SDM का चालक बताए जाने का दावा भी सोशल मीडिया पोस्टों में मौजूद है। लेकिन वीडियो की वास्तविक लोकेशन, उसमें मौजूद व्यक्तियों की पहचान और घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन दावों को सत्यापित तथ्य के रूप में प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।

