शिमला: हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रकोप लगातार जारी है। राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने 11 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश की नदियां और नाले उफान पर हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे प्रमुख सड़कें बाधित हो गई हैं। पहाड़ी इलाकों में चट्टानें गिरने के कारण यातायात प्रभावित हुआ है और कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी टूट गया है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, सबसे अधिक असर शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर, सोलन, चंबा और किन्नौर जिलों में देखने को मिल सकता है। इन जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी बारिश के चलते कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जबकि सेब उत्पादक इलाकों में भी बागवान चिंतित हैं। कई स्कूलों में हालात को देखते हुए छुट्टी घोषित करने पर भी विचार किया जा रहा है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
सरकार ने जिला प्रशासन को हर स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय राहत दल संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी कर रहे हैं। पर्यटकों से भी मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
यदि मौसम का यही रुख बना रहा, तो आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य जनजीवन और अधिक प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने लोगों से लगातार मौसम अपडेट पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है।

