मुंबई: महाराष्ट्र में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) 2026 को लेकर चुनाव आयोग ने संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग ने मतदाता सत्यापन और एन्यूमरेशन फॉर्म जमा करने की समय-सीमा बढ़ाते हुए अब 17 अगस्त 2026 तक कर दी है। पहले यह प्रक्रिया 8 अगस्त तक पूरी होनी थी।
चुनाव आयोग के अनुसार, कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में मतदाताओं का सत्यापन अभी शेष है। ऐसे में सभी पात्र नागरिकों को पर्याप्त समय देने और मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अब 17 अगस्त तक घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य जारी रखेंगे।
SIR प्रक्रिया के तहत मतदाताओं के नाम, पते और अन्य विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है। नए मतदाताओं का पंजीकरण, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के रिकॉर्ड का अपडेट और आवश्यक सुधार भी इसी अभियान के दौरान किए जा रहे हैं। आयोग का कहना है कि इस विशेष पुनरीक्षण का उद्देश्य आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह अद्यतन और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दावों और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र की अंतिम संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इस बीच विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस ने समय-सीमा को और बढ़ाने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि राज्य के कई इलाकों में अभी भी बड़ी संख्या में लोगों का सत्यापन बाकी है और सभी पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए अधिक समय दिया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपने बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क करें या आवश्यक दस्तावेज समय पर जमा करें, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज हो सके। आयोग ने स्पष्ट किया है कि समय पर सत्यापन कराने से भविष्य में मतदान से संबंधित किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा।

