कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले में मलेरिया से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। ताजा मामला भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम चिचगांव से सामने आया है, जहां 25 वर्षीय महिला की मलेरिया संक्रमण के चलते मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, चिचगांव निवासी महिला की तबीयत कुछ दिनों से खराब थी। उसे बुखार, कमजोरी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो रही थीं। जांच के दौरान महिला के मलेरिया संक्रमित होने की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने के बाद उपचार के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिले में मलेरिया से लगातार हो रही मौतों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य टीमों को भेजकर लोगों की जांच की जा रही है और मलेरिया से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
जिले में बढ़ रहा मलेरिया का खतरा
कांकेर जिले के कई ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में बारिश के मौसम के दौरान मलेरिया के मामले बढ़ जाते हैं। जलभराव, मच्छरों की बढ़ती संख्या और स्वास्थ्य सुविधाओं तक सीमित पहुंच के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा रहता है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि बुखार आने पर इसे सामान्य न समझें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं। समय पर इलाज शुरू होने से मलेरिया को गंभीर स्थिति में पहुंचने से रोका जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रही हैं। संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं और पॉजिटिव पाए जाने वाले मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है। लोगों से मच्छरदानी का उपयोग करने, घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई है।
चार मौतों के बाद चिंता बढ़ी
कांकेर जिले में मलेरिया से चार मौतों का आंकड़ा सामने आने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सामने चुनौती बढ़ गई है। खासकर दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में बीमारी की रोकथाम और समय पर इलाज उपलब्ध कराना सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मलेरिया का समय पर इलाज बेहद जरूरी है। लापरवाही या देरी होने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है और मरीज की जान को खतरा हो सकता है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के बुखार या मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं।

