रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित आबकारी घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेश के सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मामले में नए सिरे से जुटाए गए साक्ष्यों और जांच में सामने आए इनपुट के आधार पर की गई। अधिकारियों के अनुसार छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए हैं।
EOW की टीम सुबह से ही अलग-अलग स्थानों पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। जांच एजेंसी का मानना है कि इन ठिकानों से मिले दस्तावेज घोटाले में शामिल लोगों के बीच वित्तीय लेनदेन और नेटवर्क की जानकारी देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है और डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।
जांच अधिकारियों के अनुसार आबकारी घोटाले में पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। हाल ही में कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल को EOW ने गिरफ्तार किया था और अदालत ने उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा था। पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान बैंकिंग रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में नए नाम सामने आते हैं तो आगे भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जब्त दस्तावेजों का परीक्षण जारी है।
EOW का कहना है कि आबकारी घोटाले की जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ रही है और मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस भी जारी किए जा सकते हैं। जांच एजेंसी का उद्देश्य पूरे आर्थिक नेटवर्क और कथित वित्तीय अनियमितताओं की परतें खोलना है।
फिलहाल एजेंसी ने आधिकारिक रूप से छापेमारी में जब्त सामग्री का पूरा विवरण जारी नहीं किया है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।

