गिरीश गुप्ता गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड में लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बनाए जा रहे पुलों के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि निर्माण स्थल पर विभागीय इंजीनियर नियमित रूप से मौजूद नहीं रहते और पुल जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य की निगरानी टाइमकीपर के भरोसे की जा रही है। वहीं, निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की कमी से हादसे की आशंका भी बढ़ गई है।
अड़गड़ी और जरहीडीह में बन रहे हैं पुल
जानकारी के अनुसार, मैनपुर विकासखंड के अड़गड़ी और जरहीडीह गांव में करोड़ों रुपये की लागत से दो पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि मौके पर विभाग के जिम्मेदार इंजीनियर शायद ही कभी नजर आते हैं। ऐसे में निर्माण कार्य की तकनीकी निगरानी एक टाइमकीपर के भरोसे छोड़ दी गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण जैसे संवेदनशील कार्य में इंजीनियर की नियमित मौजूदगी जरूरी होती है, ताकि निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित हो सके।
सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद
निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क का डायवर्जन तो बनाया गया है, लेकिन वहां न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही रिफ्लेक्टर या बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है।
इस मार्ग से प्रतिदिन भारी वाहनों के साथ ग्रामीण, स्कूली बच्चे और अन्य राहगीर गुजरते हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही आम लोगों की जान जोखिम में डाल रही है।
ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की परियोजना होने के बावजूद निर्माण कार्य की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि निर्माण के दौरान तकनीकी मानकों की अनदेखी हुई तो भविष्य में पुल की मजबूती और गुणवत्ता पर भी सवाल उठ सकते हैं।
लोगों ने मांग की है कि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से निर्माण स्थल का निरीक्षण करें और सुरक्षा के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें।
विभाग ने दी सफाई
लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर दुर्गाप्रसाद साहू ने कहा कि विभाग के इंजीनियर समय-समय पर निर्माण कार्य का निरीक्षण करते हैं। उन्होंने बताया कि मैनपुर क्षेत्र में एक साथ कई निर्माण कार्य चल रहे हैं, इसलिए सभी स्थानों पर लगातार मौजूद रहना संभव नहीं है। हालांकि कर्मचारियों के माध्यम से नियमित निगरानी की जा रही है और निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार कराया जा रहा है।
हादसे की आशंका से चिंतित लोग
ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। यदि समय रहते चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर सुरक्षा और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित करने की मांग की है।

