रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में लंबी और तीखी बहस हुई। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनता के बजाय “एक अदृश्य शक्ति” के इशारे पर काम कर रही है और सरकार के कई फैसले जनता के हितों की बजाय बाहरी दबाव में लिए जा रहे हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव केवल सरकार को घेरने का राजनीतिक प्रयास नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की जनता की आवाज है। उन्होंने दावा किया कि कानून-व्यवस्था, किसानों, युवाओं, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
भूपेश बघेल ने सदन में कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। हत्या, लूट, चोरी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपराध नियंत्रण में प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है।
किसानों और युवाओं का मुद्दा उठाया
पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि समर्थन मूल्य, खाद-बीज की उपलब्धता और सिंचाई जैसी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने युवाओं के रोजगार और भर्ती परीक्षाओं में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया और कहा कि लाखों युवा सरकारी नौकरियों का इंतजार कर रहे हैं।
‘अदृश्य शक्ति’ वाले बयान पर जोर
बहस के दौरान भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार के कई फैसलों से ऐसा प्रतीत होता है कि मंत्रिमंडल नहीं, बल्कि कोई “अदृश्य शक्ति” निर्णय ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में पारदर्शिता की कमी है और महत्वपूर्ण फैसलों पर जनता तथा जनप्रतिनिधियों को भरोसे में नहीं लिया जाता।
सत्ता पक्ष का जवाब
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और सत्ता पक्ष के अन्य सदस्यों ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार ने अपने कार्यकाल में सुशासन, कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के पास सरकार के खिलाफ कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वह केवल राजनीतिक आरोप लगा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सदन में सरकार को पूर्ण समर्थन प्राप्त है और अविश्वास प्रस्ताव का कोई औचित्य नहीं है।
सदन में रही तीखी बहस
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे और प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर अलग-अलग दावे किए। चर्चा के दौरान कई बार सदन का माहौल गर्म भी हुआ।
अविश्वास प्रस्ताव क्या होता है?
अविश्वास प्रस्ताव विधानसभा में विपक्ष द्वारा लाया जाने वाला एक संसदीय प्रस्ताव होता है, जिसके माध्यम से यह परखा जाता है कि सरकार को सदन का बहुमत प्राप्त है या नहीं। यदि सरकार बहुमत साबित कर देती है, तो प्रस्ताव स्वतः निरस्त हो जाता है।

