गिरीश गुप्ता गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर में आयोजित मड़ई मेले में मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया। धक्का-मुक्की से शुरू हुए विवाद में एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विधि से संघर्षरत बालक सहित कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
पुलिस के अनुसार, 3 जुलाई 2026 को जिला अस्पताल गरियाबंद से सूचना मिली कि मैनपुर निवासी 28 वर्षीय आकाश कश्यप की इलाज के दौरान मौत हो गई है। सूचना के बाद सिटी कोतवाली गरियाबंद पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमॉर्टम कराया। चूंकि घटना मैनपुर थाना क्षेत्र की थी, इसलिए जांच की जिम्मेदारी मैनपुर पुलिस को सौंपी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उके और एसडीओपी ओमप्रकाश कुजूर के मार्गदर्शन में विशेष जांच टीम गठित की गई। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
जांच में सामने आया कि 1 जुलाई को मैनपुर मड़ई मेले में भारी भीड़ के दौरान धक्का-मुक्की को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने आकाश कश्यप पर डंडों, हाथ और मुक्कों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल आकाश को बाद में आरोपी ही मैनपुर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने घटना में शामिल होने की बात स्वीकार की। जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने छह आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपियों में देवकुमार निषाद, भीखम यादव, मनीष यादव, लक्की नेताम, लोकेश यादव, डिगेंद्र निर्मलकर तथा एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना मैनपुर पुलिस की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और गंभीर अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

