हरियाणा में सरकारी जमीन पर कथित रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि संबंधित जमीन का वास्तविक स्वामित्व किसके पास है, वहां किस आधार पर कारोबार संचालित किया जा रहा है और क्या इसके लिए वैधानिक अनुमति ली गई थी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सरकारी भूमि का व्यावसायिक उपयोग नियमों के विपरीत किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने HSVP से जमीन के रिकॉर्ड, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, आवंटन की स्थिति और मौके की रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे मामले की कानूनी जांच की जाएगी। यदि जांच में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा, बिना अनुमति कारोबार या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसमें अतिक्रमण हटाने, अवैध निर्माण ध्वस्त करने और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं।
हरियाणा में पिछले कुछ समय से सरकारी जमीनों, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने के लिए HSVP लगातार अभियान चला रहा है। कई जिलों में नोटिस जारी किए जा चुके हैं और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। ऐसे में इस नए मामले को भी प्रशासन गंभीरता से देख रहा है।
फिलहाल HSVP की विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और आगे किस प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।

