अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक नया दावा सामने आया है। उत्तर प्रदेश के पूर्व गृह सचिव श्याम सुंदर शुक्ल ने आरोप लगाया है कि उनके द्वारा दान की गई 147 किलोग्राम वजनी रामचरितमानस भी मंदिर परिसर से गायब है।
श्याम सुंदर शुक्ल का कहना है कि उन्होंने यह विशेष रामचरितमानस श्रद्धापूर्वक राम मंदिर के लिए दान की थी और इसे उन्होंने सीधे चंपत राय को सौंपा था। उनका दावा है कि अब यह ग्रंथ मंदिर में कहीं दिखाई नहीं दे रहा है और इसकी कोई स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी जा रही।
पूर्व गृह सचिव ने इस मामले की पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान की गई वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए। उनका कहना है कि इतनी बड़ी और ऐतिहासिक धार्मिक धरोहर का गायब होना गंभीर चिंता का विषय है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस दावे पर अभी तक श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यदि ट्रस्ट की ओर से इस मामले में कोई बयान या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, पूर्व गृह सचिव के इस दावे ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

