नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने दुनिया भर में रोजगार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पिछले कुछ महीनों में बड़ी टेक कंपनियों ने अपने कई कार्यों में AI का इस्तेमाल बढ़ाया है, वहीं कई संस्थानों ने यह भी माना है कि आने वाले वर्षों में लाखों नौकरियों का स्वरूप बदल सकता है। दूसरी ओर विशेषज्ञों का कहना है कि AI केवल नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि बड़ी संख्या में नए रोजगार भी पैदा करेगा।
हाल ही में सामने आई विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में कहा गया है कि डेटा एंट्री, बेसिक कस्टमर सपोर्ट, रूटीन ऑफिस वर्क और दोहराए जाने वाले कई कार्यों में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसके कारण पारंपरिक नौकरियों पर असर पड़ सकता है। हालांकि साइबर सिक्योरिटी, AI डेवलपमेंट, डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल कंटेंट जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
भारत में भी बैंकिंग, आईटी, मीडिया, शिक्षा और हेल्थ सेक्टर में AI आधारित तकनीकों का उपयोग बढ़ रहा है। कई कंपनियां कर्मचारियों को AI टूल्स का प्रशिक्षण दे रही हैं ताकि वे नई तकनीक के साथ खुद को अपडेट रख सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में वही कर्मचारी अधिक सफल होंगे जो नई तकनीकों को सीखने और अपनाने के लिए तैयार रहेंगे।
विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) समेत कई संस्थाओं ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आने वाले वर्षों में करोड़ों लोगों को नई स्किल सीखने की आवश्यकता होगी। AI के कारण कुछ पारंपरिक भूमिकाएं कम हो सकती हैं, लेकिन नई तकनीकों से जुड़े रोजगार तेजी से बढ़ेंगे। इसलिए नौकरी जाने के डर से अधिक जरूरी है कि लोग अपने कौशल को समय के अनुसार विकसित करें।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि AI इंसानों की पूरी तरह जगह नहीं ले सकता। जिन कार्यों में रचनात्मक सोच, मानवीय संवेदनाएं, नेतृत्व क्षमता और जटिल निर्णय लेने की आवश्यकता होती है, वहां मानव की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण बनी रहेगी। AI को एक सहयोगी तकनीक के रूप में देखा जा रहा है, जो लोगों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद कर सकती है।
भारत सरकार भी डिजिटल इंडिया और AI मिशन के तहत इस क्षेत्र में निवेश बढ़ा रही है। कई विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में AI आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, ताकि युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि AI का दौर चुनौती के साथ-साथ अवसर भी लेकर आया है और समय रहते नई स्किल सीखना ही भविष्य की सफलता की कुंजी होगा।

