नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच केंद्र सरकार की प्रस्तावित ‘नमो सिटी’ (NAMO City) अवधारणा चर्चा का विषय बनी हुई है। इस योजना का उद्देश्य प्रमुख महानगरों पर बढ़ते दबाव को कम करना और आधुनिक सुविधाओं से लैस नए शहरी केंद्र विकसित करना है।
रिपोर्टों के अनुसार, इन नए शहरों को बेहतर सड़क और रेल कनेक्टिविटी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट, हरित क्षेत्र और रोजगार के अवसरों को ध्यान में रखकर विकसित करने की योजना पर विचार किया जा रहा है। विशेष रूप से दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए ऐसे मॉडल पर चर्चा हो रही है।
हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार ने इस संबंध में सभी शहरों की अंतिम सूची या विस्तृत परियोजना रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है। विभिन्न स्तरों पर प्रस्तावों और संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो इससे नए निवेश, उद्योग, आवास और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। वहीं, मौजूदा महानगरों पर आबादी का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
फिलहाल इस परियोजना को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर चर्चा जारी है।

