लद्दाख में SUV चालकों पर ₹2 लाख का जुर्माना, पांगोंग झील में स्टंट और अवैध ऑफ-रोडिंग पड़ी भारी
लेह। लद्दाख प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार पर्यटकों पर कुल ₹2 लाख का जुर्माना लगाया है। इन पर्यटकों पर आरोप है कि उन्होंने अपनी SUV गाड़ियों से पांगोंग झील और अन्य संरक्षित वन्यजीव क्षेत्रों में अवैध ऑफ-रोडिंग की, जिससे नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा। यह लद्दाख में इस तरह की पहली बड़ी दंडात्मक कार्रवाई मानी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
लद्दाख के वन्यजीव विभाग ने जांच में पाया कि चार अलग-अलग वाहन चालकों ने संरक्षित क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन किया। इनमें एक वाहन को पांगोंग झील के पानी में स्टंट करते हुए देखा गया, जबकि एक अन्य मामले में SUV को संरक्षित क्षेत्र में तिब्बती गज़ेल (हिरण) का पीछा करते हुए पाया गया। अधिकारियों ने इन गतिविधियों को वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बताया।
किन वाहनों पर हुई कार्रवाई?
कार्रवाई के दायरे में Mahindra Thar, Hyundai Creta, Toyota Fortuner समेत चार SUV शामिल थीं। सभी वाहन हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में पंजीकृत बताए गए हैं। जांच पूरी होने तक वाहनों को जब्त रखा गया और जुर्माना जमा करने के बाद ही छोड़ा गया।
कितना लगा जुर्माना?
वन्यजीव विभाग ने प्रत्येक वाहन मालिक पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया। इस तरह चारों मामलों में कुल ₹2 लाख का दंड वसूला गया। यह कार्रवाई Wildlife (Protection) Act, 1972 के प्रावधानों के तहत की गई।
प्रशासन ने क्या कहा?
लद्दाख प्रशासन ने कहा कि पांगोंग झील, चांगथांग और नुब्रा घाटी जैसे क्षेत्र बेहद संवेदनशील हैं। यहां वाहनों से ऑफ-रोडिंग, झील में गाड़ी उतारना या वन्यजीवों को परेशान करना कानूनन अपराध है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे पर्यटन का आनंद लें, लेकिन पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। भविष्य में ऐसे मामलों में और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

