NCW ने रायगढ़ भीड़ हमले के मामले का स्वतः संज्ञान लिया
रायगढ़/नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने ओडिशा के रायगढ़ (Rayagada) जिले में एक महिला NGO कर्मी पर भीड़ द्वारा किए गए हमले के मामले का स्वतः संज्ञान (Suo Motu Cognizance) लिया है। आयोग ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए राज्य प्रशासन और पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, एक महिला सहित दो NGO कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक कार्य के सिलसिले में पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें बच्चा चोर होने की अफवाह के आधार पर घेर लिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और दोनों पर हमला कर दिया। महिला के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया।
NCW ने क्या कहा?
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए ओडिशा पुलिस को निष्पक्ष, त्वरित और समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मामले में अब तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करीब 40 से 50 लोग हमले में शामिल थे। पुलिस अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश कर रही है।
बढ़ी कानून-व्यवस्था पर चिंता
इस घटना ने एक बार फिर अफवाहों के आधार पर होने वाली भीड़ हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष
रायगढ़ की यह घटना दर्शाती है कि सोशल मीडिया और अफवाहों के कारण भीड़ किस तरह कानून अपने हाथ में ले सकती है। NCW के स्वतः संज्ञान लेने से मामले की निगरानी बढ़ेगी और पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है। वहीं, प्रशासन के सामने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की बड़ी चुनौती है।

