Assam: नई दिल्ली: असम विधानसभा ने बुधवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस कानून का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे निजी मामलों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। विधेयक पारित होने के साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद यूसीसी कानून पारित करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।
पूरा दिन चली चर्चा के बाद विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से विधेयक को पारित कराने के लिए सदन में पेश करने को कहा। विपक्ष ने इसे विस्तृत चर्चा के लिए चयन समिति के पास भेजने की मांग की, लेकिन अध्यक्ष ने इसे खारिज कर दिया। इसके विरोध में विपक्षी सदस्य सदन के बीच में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे।
शोर-शराबे के बीच सत्ता पक्ष के सदस्यों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए, जबकि अध्यक्ष ने विधेयक को ध्वनिमत से पारित घोषित कर दिया। विधेयक में बहुविवाह पर प्रतिबंध और लिव-इन संबंधों का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रावधान शामिल है। कानून का उल्लंघन करने पर सख्त सजा का भी प्रावधान किया गया है। हालांकि यह कानून राज्य के अनुसूचित जनजाति समुदायों पर लागू नहीं होगा। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि यह कानून सामाजिक समानता और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

