रायपुर CG NEWS: क्षेत्र के चहुंमुखी विकास, जन-सरोकार और स्थानीय संस्कृति के संवर्धन को गति देते हुए लोकप्रिय सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज एक गरिमामय कार्यक्रम में 230 हितग्राहियों को संस्थागत अनुदान राशि के तहत करीब 23 लाख रुपये के चेक वितरित किए। यह राशि सीधे तौर पर जरूरतमंदों, विद्यार्थियों, मरीजों और समाज को दिशा देने वाली विभिन्न मंडलियों एवं महिला समूहों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदान की गई है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने व्यक्तिगत हितग्राहियों को सहायता राशि के चेक सौंपते हुए कहा कि शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य हर नागरिक का बुनियादी अधिकार है। पैसों के अभाव में किसी भी होनहार छात्र की पढ़ाई और किसी गरीब का इलाज नहीं रुकना चाहिए। इस अनुदान राशि का एक बड़ा हिस्सा सीधे तौर पर उच्च शिक्षा, स्कूली शिक्षा और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पीड़ितों को प्रदान किया गया है, ताकि समाज का अंतिम व्यक्ति भी गरिमापूर्ण जीवन जी सके।
संस्कृति और आस्था का सम्मान: मंडलियों को मिला संबल
हमारी सनातन संस्कृति, लोक कला और आस्था को जीवंत रखने के लिए सांसद जी ने विशेष पहल की है। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की रामायण मंडलियों, भजन मंडलियों, जसगीत मंडलियों को वाद्य यंत्र, मंच संचालन और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार के लिए अनुदान राशि के चेक सौंपे गए।
अग्रवाल ने कहा, “हमारी भजन और जसगीत मंडलियां गांवों और शहरों में संस्कारों को जीवित रखने का काम कर रही हैं। इन्हें मजबूत करना हमारी गौरवशाली संस्कृति को मजबूत करना है।”
स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प
महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के संकल्प को दोहराते हुए महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को भी अनुदान राशि प्रदान की गई। इस राशि से महिलाएं अपने स्थानीय व्यवसायों, कुटीर उद्योगों और स्वरोजगार की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकेंगी।
अग्रवाल ने कहा कि, “जनता की सेवा ही मेरा सर्वोपरि धर्म है। 23 लाख करोड़ रुपये की यह अनुदान राशि केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि हमारे क्षेत्र के बच्चों के सुनहरे भविष्य, बीमारों के उत्तम स्वास्थ्य, हमारी माताओं-बहनों के स्वावलंबन और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का एक विनम्र प्रयास है। विकास का यह रथ रुकने वाला नहीं है।”


