47-सदस्यीय SIT ने वायरल वीडियो की जांच की, चार गिरफ्तार (Photo Credits: X/@PayallSingh13)
अमरावती: महाराष्ट्र (Maharashtra) के अमरावती जिले (Amravati District) के परतवाड़ा (Paratwada) में यौन शोषण और वीडियो वायरल (Sex Abuse and Viral Videos) करने के गंभीर मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है. बुधवार, 15 अप्रैल को प्रशासन ने इस केस की संवेदनशीलता को देखते हुए 47 सदस्यीय विशेष जांच दल (Special Investigation Team) (SIT) का गठन किया. पुलिस ने अब तक मुख्य आरोपी अयान अहमद (Ayan Ahmed) सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है. अदालत ने सभी आरोपियों को 21 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है. यह भी पढ़ें: Amravati S*x Scandal: मुख्य आरोपी मोहम्मद अयाज के घर पर चला बुलडोजर, अवैध निर्माण को प्रशासन ने किया जमींदोज
SIT का नेतृत्व और जांच का दायरा
इस विशेष जांच दल का नेतृत्व सहायक पुलिस अधीक्षक शुभम कुमार कर रहे हैं. इस टीम में स्थानीय अपराध शाखा (LCB) और साइबर सेल के अनुभवी अधिकारियों को शामिल किया गया है. पुलिस का प्राथमिक लक्ष्य उन सभी सहयोगियों की पहचान करना है जिन्होंने आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने में मदद की.
जांच अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी 19 वर्षीय अयान अहमद ने कथित तौर पर कई महिलाओं और नाबालिगों को प्रेम जाल में फंसाया. अमरावती शहर में एक किराए के कमरे में उनका यौन शोषण किया गया और लगभग 100 अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किए गए, जिन्हें बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया.
नेटवर्क पर पुलिस का प्रहार
बुधवार को गिरफ्तार किए गए तीन अन्य आरोपियों की पहचान उज़ैर खान इकबाल खान, मोहम्मद साद मोहम्मद साबिर और तरबेज खान तस्लीम खान के रूप में हुई है. इन पर वीडियो को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बांटने का संदेह है. पुलिस ने अब तक 10 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि वितरण श्रृंखला (distribution chain) का पता लगाया जा सके.
साइबर सेल ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए उन टेलीग्राम चैनलों को हटा दिया है जहां यह सामग्री साझा की जा रही थी. अन्य स्रोतों की पहचान करने के लिए निरंतर निगरानी रखी जा रही है. यह भी पढ़ें: Amravati Shocker: अमरावती में 180 नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोप में मोहम्मद अयाज गिरफ्तार, 350 अश्लील वीडियो बरामद
पीड़ितों की पहचान और सुरक्षा का भरोसा
वीडियो विश्लेषण और मुखबिरों के माध्यम से पुलिस ने अब तक आठ पीड़ितों की पहचान की है. पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने अन्य संभावित पीड़ितों से आगे आने की अपील की है. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि पीड़ितों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.
सहयोग को बढ़ावा देने के लिए पुलिस ने लचीली व्यवस्था की पेशकश की है. पीड़ित महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी तटस्थ या निजी स्थान पर सादे कपड़ों में महिला अधिकारियों के समक्ष अपना बयान दर्ज करा सकती हैं.
मामले की गंभीरता और भविष्य की कार्रवाई
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या कोई पीड़ित लापता है या क्या इस मामले से जुड़ी किसी आत्महत्या की घटना हुई है. यदि ऐसे तथ्य सामने आते हैं, तो आरोपियों पर अतिरिक्त धाराएं लगाई जाएंगी. पुलिस का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों की गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

