Surajpur. सूरजपुर। ग्रीष्म ऋतु में संभावित पेयजल संकट के प्रभावी निराकरण एवं आमजन को निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत सूरजपुर के सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर महोदय के निर्देशन में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सूरजपुर द्वारा की गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता, जिले के समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सिविल सर्जन, मुख्य अस्पताल अधीक्षक,
जिला मिशन समन्वयक
(समग्र शिक्षा) सहित जिला पंचायत की विभिन्न शाखाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान ग्रीष्मकाल में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने के लिए विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।बैठक में निर्देशित किया गया कि जिन ग्राम पंचायतों में भू-जल स्तर 100 फीट से नीचे चला गया है, वहाँ विशेष सतर्कता बरती जाए। संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से जलस्तर की निगरानी करते हुए स्थिति की समीक्षा करने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिन क्षेत्रों में हैंडपंपों का जलस्तर अत्यधिक नीचे चला गया है, वहाँ सिंगल फेज पंप स्थापित करने एवं सिंटेक्स टंकियों के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में ऐसे ग्रामों की सूची संबंधित जनपद पंचायतों को उपलब्ध कराई गई, जिन्हें ‘हर घर जल’ घोषित किया जा चुका है। इन ग्रामों में सुचारु जल आपूर्ति के लिए तकनीकी रूप से दक्ष पंप ऑपरेटर की नियुक्ति तथा जल प्रदाय व्यवस्था के सतत संचालन हेतु जलकर वसूली प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के अंत में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में समन्वय स्थापित करते हुए पेयजल समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करें, ताकि ग्रीष्म ऋतु में आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

