ओडिशा के बालासोर जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारी के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। स्कूल परिसर में तिरंगा फहराने के लिए फ्लैग पोल लगाने की तैयारी के दौरान लोहे का पाइप ऊपर से गुजर रही बिजली की तार के संपर्क में आ गया। करंट की चपेट में आने से एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक की मौत हो गई, जबकि तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
यह हादसा बालासोर जिले के सिमुलिया ब्लॉक के मैतापुर इलाके में स्थित एक निजी स्कूल में हुआ। मृतक शिक्षक की पहचान प्रियब्रत बेहरा के रूप में हुई है। वह स्कूल में फिजिकल एजुकेशन यानी शारीरिक शिक्षा के शिक्षक के तौर पर कार्यरत थे। रिपोर्टों के मुताबिक, वह जलेश्वर इलाके के रहने वाले थे।
जानकारी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूल में ध्वजारोहण की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान शिक्षक प्रियब्रत बेहरा कुछ छात्रों और स्कूल के कर्मचारियों के साथ फ्लैग पोल लगाने का काम कर रहे थे। करीब सुबह 8 बजे लोहे का पाइप लगाया जा रहा था। इसी दौरान पाइप का संतुलन बिगड़ गया और वह ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन से जा टकराया। पाइप के बिजली के तार के संपर्क में आते ही करंट फैल गया और शिक्षक समेत वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।
हादसे के बाद स्कूल में मौजूद लोगों ने तत्काल शिक्षक और घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। प्रियब्रत बेहरा को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भद्रक जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में तीन छात्र भी करंट की चपेट में आ गए। उन्हें इलाज के लिए सिमुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। शुरुआती रिपोर्टों में छात्रों की हालत गंभीर बताई गई है। हालांकि, बाद की रिपोर्टों में कुछ छात्रों की हालत में सुधार होने की बात भी सामने आई है। घायल छात्रों की उम्र और उनकी पहचान से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
एक प्रत्यक्षदर्शी स्कूल कर्मचारी के मुताबिक, फ्लैग पोल लगाते समय पाइप को संभालना मुश्किल हो गया था। संतुलन बिगड़ने के बाद पाइप बिजली की लाइन की ओर गिर गया और कुछ ही सेकंड में हादसा हो गया। घटना के बाद स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव का काम शुरू किया।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों के बीच हुए इस हादसे ने स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर बिजली की लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर झंडे के लिए लंबे लोहे के पाइप या अन्य धातु की वस्तुएं लगाते समय आसपास से गुजर रही बिजली की तारों की ऊंचाई और दूरी का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटना की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा दुर्घटनावश हुआ। घटना के वास्तविक कारणों और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्वतंत्रता दिवस की खुशी के बीच हुई इस घटना से स्कूल परिवार और स्थानीय इलाके में शोक का माहौल है। एक ओर जहां देशभर में 15 अगस्त के कार्यक्रमों को लेकर उत्साह था, वहीं बालासोर के इस स्कूल में समारोह की तैयारियां एक दर्दनाक हादसे में बदल गईं।
यह हादसा बालासोर जिले के सिमुलिया ब्लॉक के मैतापुर इलाके में स्थित एक निजी स्कूल में हुआ। मृतक शिक्षक की पहचान प्रियब्रत बेहरा के रूप में हुई है। वह स्कूल में फिजिकल एजुकेशन यानी शारीरिक शिक्षा के शिक्षक के तौर पर कार्यरत थे। रिपोर्टों के मुताबिक, वह जलेश्वर इलाके के रहने वाले थे।
जानकारी के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस के मौके पर स्कूल में ध्वजारोहण की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान शिक्षक प्रियब्रत बेहरा कुछ छात्रों और स्कूल के कर्मचारियों के साथ फ्लैग पोल लगाने का काम कर रहे थे। करीब सुबह 8 बजे लोहे का पाइप लगाया जा रहा था। इसी दौरान पाइप का संतुलन बिगड़ गया और वह ऊपर से गुजर रही बिजली की लाइन से जा टकराया। पाइप के बिजली के तार के संपर्क में आते ही करंट फैल गया और शिक्षक समेत वहां मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।
हादसे के बाद स्कूल में मौजूद लोगों ने तत्काल शिक्षक और घायल छात्रों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। प्रियब्रत बेहरा को पहले स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें भद्रक जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में तीन छात्र भी करंट की चपेट में आ गए। उन्हें इलाज के लिए सिमुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। शुरुआती रिपोर्टों में छात्रों की हालत गंभीर बताई गई है। हालांकि, बाद की रिपोर्टों में कुछ छात्रों की हालत में सुधार होने की बात भी सामने आई है। घायल छात्रों की उम्र और उनकी पहचान से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
एक प्रत्यक्षदर्शी स्कूल कर्मचारी के मुताबिक, फ्लैग पोल लगाते समय पाइप को संभालना मुश्किल हो गया था। संतुलन बिगड़ने के बाद पाइप बिजली की लाइन की ओर गिर गया और कुछ ही सेकंड में हादसा हो गया। घटना के बाद स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत एवं बचाव का काम शुरू किया।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों के बीच हुए इस हादसे ने स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर बिजली की लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर झंडे के लिए लंबे लोहे के पाइप या अन्य धातु की वस्तुएं लगाते समय आसपास से गुजर रही बिजली की तारों की ऊंचाई और दूरी का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने घटना की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हादसा दुर्घटनावश हुआ। घटना के वास्तविक कारणों और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्वतंत्रता दिवस की खुशी के बीच हुई इस घटना से स्कूल परिवार और स्थानीय इलाके में शोक का माहौल है। एक ओर जहां देशभर में 15 अगस्त के कार्यक्रमों को लेकर उत्साह था, वहीं बालासोर के इस स्कूल में समारोह की तैयारियां एक दर्दनाक हादसे में बदल गईं।

