Bilaspur. बिलासपुर। थाना कोनी क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और संभावित विवाद एवं मारपीट की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से कोनी पुलिस ने दो गुंडा बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को क्षेत्र में कानून व्यवस्था सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 25 फरवरी 2026 को धारा 170, 126 एवं 135(3) बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को विधिवत हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और तत्पश्चात उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में विशाल वर्मा (22 वर्ष), पिता दिलहरण वर्मा, निवासी जलसो वर्मा मोहल्ला, थाना कोनी तथा दीप राज वर्मा (18 वर्ष), पिता रामायण वर्मा, निवासी जलसो काली मोहल्ला, थाना कोनी, जिला बिलासपुर शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों व्यक्तियों के विरुद्ध क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त होने तथा विवाद की आशंका के मद्देनजर यह प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। कोनी थाना पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। संभावित झगड़े, मारपीट और अन्य अवांछनीय घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। इसी क्रम में संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध समय-समय पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत की गई यह कार्रवाई केवल दंडात्मक नहीं, बल्कि निवारक प्रकृति की है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता से नागरिकों में विश्वास बढ़ा है और कानून व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। कोनी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, विवाद या कानून व्यवस्था से संबंधित जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस का यह भी कहना है कि क्षेत्र में शांति भंग करने या असामाजिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में संभावित विवादों और अप्रिय घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

