Strait Of Hormuz: नई दिल्ली: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य पर दोबारा सख्त सैन्य नियंत्रण लागू कर दिया है। यह फैसला अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की कथित घेराबंदी के जवाब में लिया गया है। पहले ईरान ने इस मार्ग को सीमित रूप से खोलने का संकेत दिया था, लेकिन हालात तेजी से बदल गए।
अमेरिका-ईरान टकराव ने बढ़ाई गर्मी
ईरानी सरकारी मीडिया IRIB के मुताबिक, तेहरान ने सद्भावना दिखाते हुए तेल टैंकरों को गुजरने की अनुमति दी थी। लेकिन ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने अपने वादे तोड़े और समुद्री गतिविधियों में दखल जारी रखा। इसके बाद ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए इस अहम समुद्री मार्ग को अपने सशस्त्र बलों के सीधे नियंत्रण में ले लिया।
ट्रंप के बयान से बढ़ा विवाद
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक कोई बड़ा समझौता नहीं हो जाता। इस पर ईरान की संसद के अध्यक्ष एमबी गालिबाफ ने तीखी प्रतिक्रिया दी और साफ किया कि हर जहाज को ईरान की अनुमति के बाद ही गुजरने दिया जाएगा।
वैश्विक तेल सप्लाई पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के करीब 20% तेल आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है। इसके बंद होने से वैश्विक बाजार में हलचल तेज हो गई है। पहले इसके खुलने की खबर से राहत मिली थी, लेकिन अब दोबारा सख्ती ने तेल कीमतों और सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

