India-New Zealand FTA Deal: नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर मुहर लगेगी। FTA से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नई दिशा प्रदान की है। यह समझौता न केवल व्यापार के आंकड़ों को बढ़ाने का एक जरिया है, बल्कि यह पेशेवरों, छात्रों और उद्योगों के लिए संभावनाओं के नए द्वार भी खोलता है। वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच वस्तुओं का व्यापार लगभग 1.3 अरब डॉलर रहा था, जिसे अब अगले पांच वर्षों में 5 अरब डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।
India-New Zealand FTA Deal: पेशेवरों के लिए नए अवसर
समझौते का एक प्रमुख आकर्षण भारतीय पेशेवरों के लिए अस्थायी वीजा का प्रावधान है। इसके तहत हर वर्ष 5,000 भारतीय पेशेवरों को न्यूजीलैंड में काम करने का अवसर मिलेगा। आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर, निर्माण, योग और शेफ जैसे क्षेत्रों के युवाओं को इससे विशेष लाभ होने की उम्मीद है।
India-New Zealand FTA Deal: छात्रों को बड़ी राहत
FTA के तहत भारतीय छात्रों के लिए वीजा नियमों को सरल बनाया गया है। वीजा कोटा प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है, जिससे अब अधिक संख्या में छात्र न्यूजीलैंड के शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश ले सकेंगे। साथ ही, छात्रों को पढ़ाई के दौरान प्रति सप्ताह 20 घंटे काम करने की अनुमति भी दी गई है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
India-New Zealand FTA Deal: व्यापार में संतुलन की रणनीति
समझौते के तहत न्यूजीलैंड के लगभग 95 प्रतिशत निर्यात उत्पादों पर भारत ने शुल्क में कटौती या समाप्ति की है। इससे ऊन, लकड़ी, वाइन, कीवी, सेब, चेरी, एवोकाडो और मणुका शहद जैसे उत्पाद भारतीय बाजार में सस्ते होंगे। हालांकि, भारत ने अपने किसानों के हितों की रक्षा करते हुए डेयरी, चीनी, प्याज, दाल, मसाले, खाद्य तेल और रबर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को समझौते से बाहर रखा है।
India-New Zealand FTA Deal: आयुष और योग को बढ़ावा
समझौते में आयुष और योग को भी विशेष महत्व दिया गया है। इससे भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों और दवाओं को न्यूजीलैंड में आधिकारिक मान्यता और बाजार मिलेगा, जिससे भारतीय वेलनेस और फार्मा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। यह समझौता भारत की बाजार विविधीकरण नीति का हिस्सा है। इससे पहले भारत ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ भी व्यापारिक समझौते कर चुका है।

