Draft of New EV Policy: नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने प्रदूषण पर काबू पाने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए EV पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट जारी किया है। परिवहन विभाग दिल्ली ने इसे आम जनता और विशेषज्ञों के सुझाव के लिए वेबसाइट पर उपलब्ध कराया है। लोग 10 मई 2026 तक अपने सुझाव भेज सकते हैं, जिसके बाद अंतिम नीति तैयार होगी।
स्वच्छ वातावरण पर जोर
यह नीति भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21 से प्रेरित है, जो स्वच्छ हवा को जीवन का अधिकार मानता है। सरकार का लक्ष्य EV अपनाने को बढ़ावा देना, चार्जिंग नेटवर्क बढ़ाना और पेट्रोल-डीजल वाहनों पर निर्भरता कम करना है।
स्क्रैपिंग पर मिलेगा लाभ
नई नीति में पुराने वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है। अधिकृत केंद्र पर वाहन जमा करने पर नई EV खरीदने पर ₹10,000 (दोपहिया), ₹25,000 (तीनपहिया), ₹1 लाख (कार) और ₹50,000 (मालवाहक) तक प्रोत्साहन मिलेगा।
पेट्रोल-डीजल वाहनों पर सख्ती
ड्राफ्ट के अनुसार, 2027 से नए ऑटो-रिक्शा केवल इलेक्ट्रिक होंगे और 2028 से पेट्रोल-डीजल दोपहिया का रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएगा। साथ ही 2026 से फ्लीट कंपनियों को नए पेट्रोल-डीजल वाहन जोड़ने की अनुमति नहीं होगी।
सरकारी और स्कूल परिवहन में बदलाव
सरकार ने तय किया है कि सभी नई सरकारी गाड़ियां केवल इलेक्ट्रिक होंगी। इसके अलावा 2030 तक स्कूल बसों के कम से कम 30% बेड़े को इलेक्ट्रिक करना अनिवार्य होगा।
सब्सिडी और टैक्स में छूट
EV खरीदने पर पहले साल ज्यादा सब्सिडी मिलेगी, जो धीरे-धीरे कम होगी। ई-बाइक पर ₹30,000 तक और ई-कार पर ₹50,000 तक की छूट दी जाएगी। साथ ही ₹30 लाख तक की EV पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह माफ रहेगा।
दिल्ली बनेगी EV हब
सरकार का मानना है कि वाहनों से होने वाला प्रदूषण राजधानी की सबसे बड़ी समस्या है। इस नीति के जरिए न केवल प्रदूषण कम करने बल्कि दिल्ली को देश की इलेक्ट्रिक व्हीकल राजधानी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

