Raipur. रायपुर। डीसीपी पश्चिम जोन के नेतृत्व में आयोजित “संवाद से समाधान” अभियान के तहत नगर के छात्र-छात्राओं को साइबर जागरूकता, बाल सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों के संबंध में व्यापक जानकारी दी गई। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और समाज को सुरक्षित और संवेदनशील बनाने के साथ-साथ साइबर साक्षरता को बढ़ाना है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम, संदीप पटेल के निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, राहुल शर्मा के मार्गदर्शन में यह जागरूकता कार्यक्रम नगर माता बिन्नी बाई सोनकर
शासकीय उच्चतर
माध्यमिक विद्यालय भाटागांव में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एसीपी पुरानी बस्ती देवांश सिंह राठौर और थाना प्रभारी पुरानी बस्ती, शीलादित्य सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और डिजिटल फ्रॉड के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी दी।
साइबर जागरूकता पर मुख्य संदेश
विद्यार्थियों को ऑनलाइन वित्तीय ठगी, सोशल मीडिया अपराध, फर्जी लोन ऐप और डिजिटल अरेस्ट जैसी नई धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए गए। उन्हें अनजान लिंक, एप्लीकेशन (APK) और संदिग्ध कॉल से सतर्क रहने की सलाह दी गई। साथ ही, साइबर ठगी की घटना होने पर तत्काल रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए 1930 हेल्पलाइन और www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर स्वयं शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई गई। विद्यार्थियों को आवश्यक हेल्पलाइन नंबर भी प्रदान किए गए, जिनमें 1091 महिला हेल्पलाइन, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 112 आपातकालीन सेवा और 1930 साइबर अपराध हेल्पलाइन शामिल हैं।
सामाजिक संदेश और जीवन मूल्यों पर जोर
कार्यक्रम के अंत में पुलिस ने विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन जीने, महिलाओं का सम्मान करने और यातायात नियमों का पालन करने की भी समझाइस दी। यह पहल छात्रों में जिम्मेदारी, सुरक्षा और संवेदनशीलता की भावना पैदा करने के उद्देश्य से की गई। डीसीपी पश्चिम जोन ने इस कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि डिजिटल दुनिया में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और संवेदनशीलता बढ़ाने के लिए ऐसे अभियान नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। “संवाद से समाधान” अभियान के माध्यम से पुलिस और समाज के बीच विश्वास का निर्माण किया जा रहा है और युवाओं को सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए तैयार किया जा रहा है।
विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए सीखने और अपने ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग करने का अवसर भी साबित हुआ। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों और नियमों का पालन करने के महत्व का भी एहसास हो। इस अभियान से न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ी है, बल्कि उनके परिवार और आसपास के समुदाय में भी सुरक्षा और संवेदनशीलता के संदेश का प्रसार हुआ है। पुलिस ने इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि साइबर अपराध, बाल सुरक्षा और नशामुक्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

