Raipur. रायपुर। रायपुर जिले के आरंग थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध गौवंश तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए टाटा मैजिक वाहन में क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे चार बैलों को मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिगों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी संजय टंडन भी शामिल है, जो पहले भी गौ तस्करी के मामले में जेल जा चुका है। जानकारी के अनुसार, आरंग थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी।
एक टाटा मैजिक वाहन में अवैध रूप से बैलों को भरकर पंधी गांव की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी हरीश साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने पंधी मार्ग पर घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया। पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली तो अंदर का दृश्य बेहद चिंताजनक था। वाहन की सीमित क्षमता के बावजूद उसमें चार बैलों को बेरहमी से ठूंस-ठूंस कर बांधा गया था। पशुओं की हालत खराब थी और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने की बात सामने आई।
पुलिस ने तत्काल बैलों को वाहन से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद वाहन में मौजूद लोगों से गौवंश परिवहन से संबंधित दस्तावेज और अनुमति पत्र मांगे गए, लेकिन आरोपी कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने मौके पर ही वाहन और बैलों को जब्त कर सभी आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय टंडन पहले भी गौ तस्करी के गंभीर मामलों में शामिल रहा है। उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड होने के कारण पुलिस इस पूरे मामले को संगठित तस्करी गिरोह से जोड़कर जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी संजय टंडन के लिए काम करते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के तार किन-किन क्षेत्रों तक जुड़े हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि बैलों को कहां से लाया गया था और उन्हें कहां ले जाने की तैयारी थी। पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक सामान्य तस्करी का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क होने की आशंका है। बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की जांच करते हुए पुलिस पूरे सिंडिकेट की जानकारी जुटा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
आरंग पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 और 11 के तहत अपराध दर्ज किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद वयस्क आरोपियों को जेल भेज दिया गया, जबकि दोनों नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता के मामलों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता की चर्चा हो रही है। प्रशासन ने कहा है कि पशु तस्करी और अवैध परिवहन में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

