1 जुलाई से भारतीय रेलवे में बढ़ेगा जुर्माना, बिना टिकट यात्रा करना पड़ेगा महंग
नई दिल्ली/चेन्नई। भारतीय रेलवे ने यात्रियों में अनुशासन बढ़ाने और बिना टिकट यात्रा पर रोक लगाने के लिए जुर्माने की राशि बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए जा रहे जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे नियमों में कई अहम बदलाव किए गए हैं। इसके तहत बिना टिकट यात्रा करने वालों पर लगने वाला न्यूनतम जुर्माना बढ़ाया जा रहा है।
बिना टिकट यात्रा पर दोगुना जुर्माना
नए प्रावधानों के अनुसार, बिना वैध टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया जाएगा। इसके अलावा यात्री को यात्रा की दूरी के अनुसार किराया भी देना होगा। रेलवे का कहना है कि इससे टिकटलेस यात्रा पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।
दूसरे के टिकट पर सफर करने वालों पर भी कार्रवाई
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी टिकट का उपयोग करने पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में टिकट जब्त किया जा सकता है और संबंधित यात्री से किराए के साथ अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा।
अन्य उल्लंघनों पर भी बढ़ेगा जुर्माना
नए नियमों के तहत रेलवे परिसर और ट्रेनों में अवैध फेरी (हॉकिंग), भीख मांगना, अभद्र व्यवहार, नशे की हालत में उपद्रव करना तथा यात्रियों को परेशान करने जैसी गतिविधियों पर भी अधिक जुर्माना लगाया जाएगा। महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में पुरुषों के यात्रा करने पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
रेलवे का उद्देश्य
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन संशोधनों का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, नियमों का पालन सुनिश्चित करना और रेलवे सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाना है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा वैध टिकट के साथ यात्रा करें और निर्धारित नियमों का पालन करें।
निष्कर्ष
1 जुलाई से लागू होने वाले नए प्रावधानों के बाद बिना टिकट या नियमों का उल्लंघन करके यात्रा करना यात्रियों को महंगा पड़ सकता है। ऐसे में यात्रा से पहले टिकट और पहचान संबंधी दस्तावेज साथ रखना जरूरी होगा, ताकि जुर्माने और कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

