Khairagarh. खैरागढ़। पुलिस ने 30 वर्षों से फरार चल रहे स्थायी वारंटी आरोपी अफसर अली को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। यह गिरफ्तारी खैरागढ़ पुलिस की सतत और प्रभावी कार्रवाई का परिणाम है। अफसर अली, पिता असरफ अली, निवासी रूवाबांधा सेक्टर-6 (रिसाली), भिलाई, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़), पर थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 144/1992, धारा 379 भादवि के तहत मामला दर्ज था। आरोपी न्यायालय से जमानत मिलने के बाद फरार हो गया था। इसके बाद माननीय न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध स्थायी वारंट जारी किया था।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी हेतु खैरागढ़ पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। पुलिस टीम ने संभावित ठिकानों पर सतत निगरानी रखी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। आरोपियों की लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी और गुप्त स्रोतों का भी प्रयोग किया गया। 17 फरवरी 2026 को खैरागढ़ पुलिस को महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर टीम ने भिलाई में दबिश दी। इस कार्रवाई में लगभग 30 वर्षों से फरार चल रहे स्थायी वारंटी अफसर अली को विधिवत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।
खैरागढ़ थाना पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी लंबित मामलों में न्यायालयीन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने यह भी बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सतत अभियान जारी रहेगा। इस मामले में खैरागढ़ पुलिस की टीम की तत्परता और लगातार निगरानी की सराहना की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर और तकनीकी माध्यमों की मदद से लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की लोकेशन का पता लगाकर गिरफ्तारी करना पुलिस की प्रभावी रणनीति का हिस्सा है।
स्थायी वारंटी अफसर अली की गिरफ्तारी से जिले में न्यायिक प्रक्रिया और कानून-व्यवस्था के प्रति जनता में विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद मिल सके। खैरागढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में अपराध नियंत्रण और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए निरंतर निगरानी, सूचना संकलन और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। इस गिरफ्तारी से यह संदेश भी गया कि लंबित मामलों में समय से कार्रवाई और सतत प्रयास से अपराधियों को न्यायालयीन प्रक्रिया के सामने लाया जा सकता है।

