Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में इन आवश्यक ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उनकी आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। राज्य शासन द्वारा इनकी उपलब्धता और वितरण की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। राज्य शासन से मिली जानकारी के अनुसार 12 मार्च 2026 को मुख्य सचिव द्वारा सचिव खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक में प्रदेश में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता तथा आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद इन आवश्यक वस्तुओं की निरंतर निगरानी के लिए 13 मार्च 2026 को संचालक खाद्य विभाग की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय नियंत्रण एवं मॉनिटरिंग समिति का गठन किया गया है। यह समिति प्रदेश में ईंधन आपूर्ति व्यवस्था पर नियमित नजर रखेगी।
रायपुर शहर में सबसे ज्यादा सिलेंडर की कालाबाज़ारी होती है। जिसमें कटोरा तालाब, तेलीबांधा, लाखेनगर में सबसे ज्यादा सिलेंडर की कालाबाज़ारी हो रही है।
इसी क्रम में 13 मार्च को भारत सरकार के खाद्य विभाग के सचिव तथा उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश के सभी राज्यों के खाद्य सचिवों के साथ बैठक की गई। इस बैठक में जानकारी दी गई कि देश में घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं है। बैठक के दौरान केंद्र सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि सभी राज्यों के लिए 48,240 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन का आवंटन जारी किया गया है। साथ ही राज्यों को राष्ट्रीय स्तर के नियंत्रण तंत्र के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी तथा कालाबाजारी के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव ने यह भी जानकारी दी कि देश में 40 आवश्यक वस्तुओं के दैनिक बाजार भाव फिलहाल स्थिर बने हुए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था संतुलित बनी हुई है।
प्रदेश में घरेलू एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा विभिन्न स्थानों पर लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध स्थानों पर आकस्मिक निरीक्षण किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के तहत अब तक 102 स्थानों से कुल 741 घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। जिलेवार कार्रवाई की बात करें तो रायपुर जिले में सबसे अधिक 392 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके बाद बिलासपुर जिले में 130 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एलपीजी की जमाखोरी या अवैध भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए विभिन्न ऑयल कंपनियों द्वारा बॉटलिंग प्लांट संचालित किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार राज्य में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के 2, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के 2 और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन का 1 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट संचालित हो रहा है।
इस प्रकार प्रदेश में कुल 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट कार्यरत हैं। इन सभी बॉटलिंग प्लांट में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और पूरी क्षमता के साथ गैस भरने का कार्य किया जा रहा है। इन प्लांटों से प्रदेश के सभी जिलों में कार्यरत 540 एलपीजी वितरकों को नियमित रूप से रिफिल गैस सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है। इसी तरह प्रदेश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इन ईंधनों की आपूर्ति राज्यभर में संचालित 2,465 पेट्रोल और डीजल पंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाई जा रही है। सरकार का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। ऑयल कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडर बुकिंग को लेकर भी कुछ नियम तय किए गए हैं। कंपनियों ने रिफिल सिलेंडर बुकिंग के लिए पिछली बुकिंग से 25 दिन का अंतराल निर्धारित किया है। इसलिए सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे इस नियम का पालन करते हुए ही रिफिल सिलेंडर की बुकिंग करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके।
सरकार ने यह भी सलाह दी है कि एक बार गैस सिलेंडर की बुकिंग हो जाने के बाद उपभोक्ताओं को बार-बार दोबारा बुकिंग कराने का प्रयास नहीं करना चाहिए। गैस बुकिंग के लिए सभी उपभोक्ताओं के पास उनके गैस वितरकों द्वारा उपलब्ध कराए गए निर्धारित मोबाइल नंबर या ऑनलाइन व्यवस्था मौजूद है। इसलिए उन्हीं माध्यमों से बुकिंग करना उचित रहेगा। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में प्रतिदिन घरेलू एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता तथा वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है। सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि इन ईंधनों की कमी को लेकर फैल रही किसी भी प्रकार की अफवाह या दुष्प्रचार पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
यदि किसी उपभोक्ता को गैस, पेट्रोल या डीजल की आपूर्ति या वितरण से संबंधित किसी प्रकार की समस्या होती है, तो वह खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 और 1967 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। राज्य शासन और ऑयल कंपनियों द्वारा ऐसी शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। राज्य सरकार का कहना है कि आवश्यक ईंधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से लगातार निगरानी और नियंत्रण की व्यवस्था लागू की गई है, ताकि प्रदेश में ईंधन की आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे और नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

