मुंबई/पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के मोशी स्थित वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजना परिसर में हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। बचाव दल ने मलबे से अंतिम लापता व्यक्ति का शव बरामद कर लिया है। इसके साथ ही कई दिनों से लगातार चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हो गया। हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है।
यह हादसा उस समय हुआ जब भारी बारिश के बीच कचरे का विशाल ढेर खिसककर परियोजना के प्रशासनिक भवन पर आ गिरा। मलबे में कई कर्मचारी दब गए। घटना के बाद भारतीय सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
रेस्क्यू टीमों ने अत्याधुनिक मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से लगातार कई दिनों तक मलबा हटाया। अभियान के दौरान कुल 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि 9 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। अंतिम लापता व्यक्ति का शव मिलने के बाद राहत अभियान औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया।
प्रशासन ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनों को सौंप दिए हैं। राज्य सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि भारी बारिश के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे ने औद्योगिक परिसरों और कचरा प्रबंधन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान ऐसे संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए जाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

