चंदौली। दानापुर-सिकंदराबाद एक्सप्रेस के एसी-2 कोच में टिकट चेकिंग के दौरान एक महिला यात्री और TTE के बीच विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में महिला अपने कपड़े फाड़ती नजर आती है और TTE पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाने की बात करती सुनाई देती है। दूसरी ओर, वीडियो में TTE की ओर से घटना को रिकॉर्ड किए जाने का भी दावा सामने आया है।
मामले की रिपोर्ट 19 सितंबर 2026 को सामने आई। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घटना 17 सितंबर की बताई जा रही है। महिला दानापुर से ट्रेन में सवार हुई थी और प्रयागराज की ओर जा रही थी। वह एसी द्वितीय श्रेणी के कोच में यात्रा कर रही थी। टिकट जांच के दौरान TTE ने उससे यात्रा का टिकट मांगा। रिपोर्टों के अनुसार, महिला के पास वैध टिकट नहीं था, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया।
टिकट को लेकर शुरू हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक TTE ने महिला से टिकट बनवाने के लिए कहा। इसी दौरान महिला ने कथित तौर पर पैसे देने की कोशिश की, लेकिन TTE ने टिकट बनवाने की बात कही। इसके बाद विवाद बढ़ गया।
वायरल वीडियो में महिला को TTE से बहस करते और फोन पर किसी व्यक्ति से बात करते हुए देखा-सुना जा सकता है। कुछ रिपोर्टों में महिला का नाम राधिका तिवारी बताया गया है। हालांकि, CGTOP36 स्वतंत्र रूप से महिला की पहचान की पुष्टि नहीं करता है।
क्या जमाना आ गया हे टिकट नहीं हे ,ट्रेन में सफर भी करना हे वो भी रंगदारी से…।
ख़ुद कपड़े 🧥 फाड़ लिए फ़साने को ।
वो तो बस नहीं चल रहा वरना रैप का भी आरोप लगा दे।
सावधान 😧 रहे ऐसी लड़कियों के वीडियो नहीं बनाते तो कोई इन्हें ही सही मानता 😱🙏 pic.twitter.com/i1snZYOeVo
— राष्ट्रवादी 🚩सनातनी🚩 HiNdU (@HiNdU05019434) September 19, 2026
कैमरे में रिकॉर्ड हुआ पूरा घटनाक्रम
मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस वीडियो को लेकर है, जिसमें महिला कथित तौर पर खुद अपने कपड़े फाड़ती दिखाई दे रही है। इसके बाद वह TTE पर गलत तरीके से व्यवहार करने का आरोप लगाने की बात करती सुनाई देती है।
रिपोर्टों के मुताबिक TTE ने भी मोबाइल कैमरा चालू कर दिया था। इस वजह से विवाद के दौरान हुई बातचीत और घटनाक्रम का एक हिस्सा रिकॉर्ड हो गया। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
हालांकि, सिर्फ वायरल वीडियो के आधार पर घटना से जुड़े हर दावे को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सकता। इसलिए महिला ने TTE पर जो आरोप लगाए, उन्हें तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में भी इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
PDDU जंक्शन पर ₹1,000 जुर्माने की जानकारी
अमर उजाला और हिन्दुस्तान की रिपोर्टों के अनुसार, ट्रेन के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (PDDU) जंक्शन पहुंचने पर मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मदद ली गई और महिला पर ₹1,000 का जुर्माना लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, महिला बिना टिकट यात्रा कर रही थी और टिकट जांच के दौरान विवाद हुआ था। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी चर्चा हो रही है। कुछ यूजर्स महिला के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि कई लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की बात कह रहे हैं।
वायरल वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में महिला पर TTE को फंसाने के लिए जानबूझकर ऐसा करने जैसे दावे किए जा रहे हैं। लेकिन इन दावों को आधिकारिक जांच का निष्कर्ष नहीं माना जा सकता।
रेलवे से जुड़ी एक रिपोर्ट के अनुसार, Railway Seva की ओर से भी मामले की जानकारी लेकर कार्रवाई के लिए PNR और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी मांगे जाने की बात सामने आई है।
बिना टिकट यात्रा पर क्या नियम है?
भारतीय रेलवे में वैध टिकट के बिना यात्रा करना दंडनीय है। टिकट जांच के दौरान यात्री के पास वैध टिकट नहीं मिलने पर रेलवे के नियमों के तहत किराया और निर्धारित जुर्माना वसूला जा सकता है।
इस मामले में भी उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक महिला से जुर्माना वसूले जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, ₹1,000 की कार्रवाई किन विशेष प्रावधानों के तहत की गई, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध रिपोर्टों में स्पष्ट नहीं है।
आरोपों की पुष्टि जरूरी
इस पूरे मामले में दो अलग-अलग पहलू हैं। पहला, बिना टिकट यात्रा और टिकट जांच के दौरान हुआ विवाद, जिसके बारे में कई मीडिया रिपोर्टों में समान जानकारी सामने आई है। दूसरा, महिला द्वारा TTE पर लगाए गए कथित आरोप और यह दावा कि उसने जानबूझकर अपने कपड़े फाड़े।
वायरल वीडियो में घटनाक्रम का एक हिस्सा दिखाई देता है, लेकिन वीडियो के आधार पर पूरे मामले का कानूनी निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। महिला के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी में नहीं मिली है।
ऐसे में इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को तथ्य मानने के बजाय रेलवे या पुलिस की आधिकारिक जांच/बयान का इंतजार करना उचित होगा।
नोट: यह खबर 19 सितंबर 2026 को प्रकाशित विभिन्न मीडिया रिपोर्टों और वायरल वीडियो से संबंधित उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। महिला और TTE से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि CGTOP36 द्वारा नहीं की गई है। पाठकों से अपील है कि सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री को अंतिम सत्य मानने से पहले आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा करें।

