लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में युवक की हत्या के मामले में पुलिस जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के मीसा गांव निवासी रामतीरथ की तीन जुलाई की रात हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद उसके शव को बोरे में भरकर बाराबंकी के सतरिख इलाके में सूखी नहर में फेंक दिया गया था। शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद में परिजनों ने उसकी पहचान की।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने युवक की पत्नी, भाई और चचेरे भाई को गिरफ्तार किया। चूंकि जांच में हत्या का घटनास्थल लखनऊ के गोसाईंगंज क्षेत्र में सामने आया, इसलिए बाराबंकी पुलिस ने केस को गोसाईंगंज थाने में ट्रांसफर कर दिया है।
नहर में मिला था बोरे में बंद शव
जानकारी के मुताबिक, रामतीरथ तीन जुलाई की रात घर से निकला था। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। कुछ समय बाद बाराबंकी के सतरिख क्षेत्र में एक सूखी नहर में बोरे के अंदर शव मिलने से हड़कंप मच गया।
शव की हालत ऐसी थी कि तत्काल उसकी पहचान करना मुश्किल था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और पहचान के प्रयास शुरू किए। इसी दौरान रामतीरथ के पिता दयाराम को घटना की जानकारी मिली। उन्होंने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की।
इसके बाद परिजनों की ओर से हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की गई।
पिता ने पत्नी और रिश्तेदारों पर जताया था शक
रामतीरथ के पिता दयाराम ने पुलिस को दी शिकायत में उसकी पत्नी रामदुलारी, बेटे अवधेश और भतीजे सरजीत पर हत्या का शक जताया था। पुलिस ने शिकायत और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रामतीरथ के चेहरे पर चोट के निशान मिले थे, लेकिन मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया था। इसके बाद पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।
पुलिस के मुताबिक खीर में मिलाई गई थीं नशे की गोलियां
पुलिस जांच में कथित तौर पर यह बात सामने आई कि हत्या से पहले रामतीरथ को खीर दी गई थी। आरोप है कि खीर में नशे की गोलियां मिलाई गई थीं।
पुलिस के अनुसार, नशीला पदार्थ दिए जाने के बाद रामतीरथ की स्थिति कमजोर हुई। इसके बाद उसे कथित तौर पर उसके भाई अवधेश और चचेरे भाई सरजीत के घर ले जाया गया।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इसी दौरान उस पर हमला किया गया। पुलिस का दावा है कि ईंट से चोट पहुंचाने और कपड़े से मुंह दबाने के बाद उसकी हत्या कर दी गई।
हालांकि हत्या के इस पूरे घटनाक्रम में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
बोरे में भरकर सूखी नहर में फेंका शव
हत्या के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। शव को बोरे में भरकर स्कूटी से बाराबंकी के सतरिख क्षेत्र में ले जाया गया और वहां सूखी नहर में फेंक दिया गया।
पुलिस को जब शव मिला तो इलाके में सनसनी फैल गई थी। शुरुआत में यह पता नहीं चल पा रहा था कि मृतक कौन है और उसकी हत्या कहां हुई।
जांच आगे बढ़ने के बाद मृतक की पहचान रामतीरथ के रूप में हुई और पुलिस ने उसके परिवार तथा परिचितों से पूछताछ शुरू की।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
बाराबंकी पुलिस ने मामले में रामतीरथ की पत्नी रामदुलारी, भाई अवधेश और चचेरे भाई सरजीत को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर हत्या और शव को ठिकाने लगाने से जुड़े अहम सुराग मिले।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर घटना से जुड़े सामान भी बरामद किए गए हैं। इनमें बोरा, स्कूटी और कथित तौर पर घटना में इस्तेमाल किए गए कुछ सामान शामिल बताए जा रहे हैं। इनकी फोरेंसिक जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
अवैध संबंध का एंगल भी सामने आया
पुलिस जांच में रामतीरथ की पत्नी रामदुलारी और उसके चचेरे भाई सरजीत के बीच कथित संबंध का एंगल भी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस इस पहलू को हत्या की वजह से जोड़कर जांच कर रही है।
वहीं, रामतीरथ के भाई अवधेश को लेकर भी पारिवारिक विवाद और नशे की लत से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है।
हालांकि, कथित अवैध संबंध या किसी भी आरोपी की भूमिका को अदालत में दोष सिद्ध होने से पहले अंतिम तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता। पुलिस की जांच और अदालत में पेश होने वाले साक्ष्य ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट करेंगे।
बाराबंकी से अब गोसाईंगंज पहुंची जांच
इस केस में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब पुलिस जांच में हत्या का संभावित घटनास्थल लखनऊ के गोसाईंगंज थाना क्षेत्र में सामने आया। शव बाराबंकी में मिलने के कारण शुरुआती कार्रवाई बाराबंकी पुलिस कर रही थी।
बाद में घटनास्थल गोसाईंगंज क्षेत्र में होने की जानकारी सामने आने पर केस को गोसाईंगंज थाने में ट्रांसफर कर दिया गया। अब लखनऊ पुलिस हत्या की पूरी साजिश, हत्या के वास्तविक घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच करेगी।
कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
केस ट्रांसफर होने के बाद पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। हत्या की पूरी योजना कब बनाई गई? किस आरोपी की क्या भूमिका थी? रामतीरथ को नशीली गोलियां किसने दीं? हत्या के बाद शव को बाराबंकी ले जाने में कौन-कौन शामिल था? और हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच और फोरेंसिक साक्ष्यों से सामने आने की उम्मीद है।
फिलहाल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामला काफी हद तक सुलझने का दावा किया जा रहा है, लेकिन हत्या की पूरी कहानी और आरोपियों की भूमिका को अदालत में पेश होने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम रूप से तय किया जाएगा।

